क्या यूपी से राज्यसभा जाएंगी स्मृति ईरानी? BJP में टिकट को लेकर मंथन तेज

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया का बिगुल बज चुका है। 16 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव को लेकर सियासी हलचलें चरम पर हैं। इस बीच सबसे बड़ा नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी का चर्चा में आया है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें उत्तर प्रदेश के रास्ते दोबारा संसद के उच्च सदन में भेजने की तैयारी कर रही है।
चुनाव कार्यक्रम: 29 सितंबर से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक:
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अधिसूचना जारी: 29 सितंबर
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नामांकन की आखिरी तारीख: 6 अक्टूबर
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नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर
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नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्टूबर
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मतदान एवं मतगणना: 16 अक्टूबर (सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान, शाम 5 बजे से काउंटिंग)
वर्तमान में इन 10 सीटों में से 8 भाजपा, 1 समाजवादी पार्टी और 1 बहुजन समाज पार्टी के पास है। इन सभी सदस्यों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, जबकि एक सीट डॉ. दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद पहले से रिक्त है।
स्मृति ईरानी के नाम पर क्यों गर्म है सियासी बाजार?
स्मृति ईरानी 2024 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से चुनाव हार गई थीं, जिसके बाद वह केंद्र सरकार से बाहर हो गईं। हालांकि, पार्टी संगठन में उनकी अहमियत बरकरार रही:
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अगस्त 2026 में वापसी: बीजेपी के नए राष्ट्रीय संगठन में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।
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राज्यों का प्रभार: सितंबर में पार्टी ने उन्हें हरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे अहम राज्यों का संगठनात्मक प्रभार सौंपा।
यदि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजती है, तो वह एक बार फिर संगठन के साथ-साथ विधायी और संसदीय भूमिका में सक्रिय नजर आएंगी।
रेस में स्मृति के अलावा ये नाम भी शामिल
भाजपा में सिर्फ स्मृति ईरानी ही नहीं, बल्कि कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी मौजूदा सांसदों को दोबारा मौका देने के साथ कुछ नए चेहरों को भी उतार सकती है:
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बीएल वर्मा (केंद्रीय मंत्री)
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ब्रजलाल (पूर्व डीजीपी व मौजूदा सांसद)
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गीता शाक्य और सीमा द्विवेदी
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हरीश द्विवेदी (हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए)
पार्टी का प्रयास 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का है।
विधानसभा का नंबर गेम: किसे कितनी सीटें?
राज्यसभा चुनाव में विधायक आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) के जरिए मतदान करते हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या 397 है, जिसके आधार पर एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 37 प्रथम वरीयता वोटों की दरकार होगी।
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BJP गठबंधन: एनडीए के पास पर्याप्त संख्याबल है, जिससे वह आसानी से 8 सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में है।
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सपा: समाजवादी पार्टी अपने 101 विधायकों के दम पर 2 सीटें सुरक्षित रूप से निकाल लेगी।
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BSP का सूपड़ा साफ: बसपा के पास विधानसभा में कोई प्रभावी संख्या नहीं होने के कारण रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होते ही राज्यसभा से उसका प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा।
स्मृति ईरानी की उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की आधिकारिक घोषणा के बाद ही लगेगी, लेकिन इस चर्चा ने यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के दंगल को बेहद दिलचस्प बना दिया है।

