ईसा से मिलना है कहकर अनुयायियों को भूखा रखा, पादरी नरसंहार का दोषी

केन्या के मोम्बासा की एक अदालत ने कुख्यात ‘शाकाहोला जंगल नरसंहार’ (Shakahola Forest Massacre) मामले में स्वघोषित पादरी पॉल मैकेंजी और उसके 29 सहयोगियों को 191 लोगों की हत्या का दोषी ठहराया है। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। ‘ईसा मसीह से मिलने’ के नाम पर अनुयायियों को भूखा मारकर उनकी जान लेने वाले मैकेंजी को हथकड़ियों में अदालत में पेश किया गया।
मौत का व्यवस्थित पदानुक्रम (Structured hierarchy of death)
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पॉल मैकेंजी ने शाकाहोला जंगल में स्थित अपने 800 एकड़ के फार्महाउस पर अत्यधिक उपवास (extreme fasting) की जानलेवा प्रक्रिया शुरू की थी। अदालत में पेश पोस्टमार्टम और पुलिस रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि मैकेंजी ने मौत के लिए बाकायदा एक पदानुक्रम (hierarchy) तय कर रखा था। इसके तहत सबसे पहले बच्चों को मरना था, उसके बाद किशोरों, फिर महिलाओं और अंत में पुरुषों की बारी थी। ज्यादातर बच्चों की मौत भुखमरी से हुई। कई शवों में दम घुटने (asphyxia), गर्दन दबने और सिर पर गहरी चोट के निशान भी मिले हैं। मैकेंजी के वकीलों ने इन आरोपों को मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (circumstantial evidence) और अप्रमाणित फोरेंसिक रिपोर्ट पर आधारित बताया था।
400 से ज्यादा शव और पीड़ित परिवारों का दर्द
अप्रैल 2023 में एक मानवाधिकार समूह की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ अनुयायियों को बचाया था। इसके बाद हुई खुदाई में कई सामूहिक कब्रें (mass graves) मिलीं। पिछले तीन वर्षों में इस इलाके से 400 से ज्यादा शव निकाले जा चुके हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान तटीय ग्रामीण इलाकों से आए कई पीड़ित परिवार मौजूद थे। इस नरसंहार में अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों समेत परिवार के 8 सदस्यों को खोने वाले 62 वर्षीय फ्रांसिस वांजे ने शुरुआत में सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे एक ऐसे फैसले की उम्मीद कर रहे हैं जो पूरे समाज के लिए सबक बने, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
पहले भी हो चुकी थी मैकेंजी की गिरफ्तारी
मैकेंजी का चरमपंथ का पुराना इतिहास रहा है। उसने 2003 में ‘गुड न्यूज इंटरनेशनल चर्च’ की स्थापना की थी और नैरोबी व तटीय इलाकों में इसकी शाखाएं खोली थीं। मैकेंजी ने 2019 में अपना चर्च बंद करने का दावा किया था। साल 2017 में उसे ‘कट्टरपंथ’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह अदालत से बरी हो गया। 2019 में शाकाहोला में दो बच्चों की मौत के मामले में उसे दोबारा गिरफ्तार किया गया, लेकिन तब उसे आसानी से जमानत मिल गई थी।
इस मुख्य हत्या के मुकदमे के अलावा, मैकेंजी और उसके सहयोगियों पर गैर-इरादतन हत्या (manslaughter) और आतंकवाद से जुड़े अलग-अलग मामलों में भी मुकदमे चल रहे हैं।

