अमेरिकी राजदूत का दावा, ‘भारत ने सवाल न पूछने की गुजारिश की थी’

नई दिल्ली: G7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के एक दावे ने नई चर्चा छेड़ दी है। गोर ने कहा कि भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से मुलाकात के बाद मीडिया के सवाल नहीं लेने की गुजारिश की गई थी। उन्होंने यह दावा ET World Leaders Forum में किया।
गोर के मुताबिक, मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद मीडिया को बुलाने की बात थी, लेकिन भारतीय पक्ष चाहता था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोई सवाल न पूछा जाए। उन्होंने बताया कि ट्रंप को भी इस अनुरोध के बारे में जानकारी दी गई थी और उन्होंने उस समय इसे स्वीकार कर लिया था।
सर्जियो गोर ने क्या दावा किया?
गोर ने बताया कि वह ट्रंप और मोदी की मुलाकात के दौरान पर्दे के पीछे मौजूद थे। उनके अनुसार, एक समय वहां सिर्फ ट्रंप और वह मौजूद थे। ट्रंप ने उनसे पूछा कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को उठाएगा और क्या उसकी कोई खास मांग है।
गोर के मुताबिक, इसी बातचीत में उन्हें भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए अनुरोध की जानकारी थी। उन्होंने ट्रंप से कहा कि भारतीय पक्ष मीडिया को बुलाने के लिए तैयार है, लेकिन सवाल नहीं चाहता।
गोर ने दावा किया कि ट्रंप ने इस पर सहमति जताई थी। उनके मुताबिक, मुलाकात खत्म होने के बाद ट्रंप ने कैमरे की तरफ देखा और सवाल लेने की बात पूछी, यानी वह पहले हुई बातचीत को भूल गए थे।
भारत की ओर से क्या वजह बताई गई?
सरकार से जुड़े सूत्रों ने गोर के दावे के संदर्भ में कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ट्रंप के अप्रत्याशित व्यवहार को लेकर सतर्क रहता है। उनके अनुसार, ट्रंप की दूसरे देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत में भी ऐसा व्यवहार सामने आया है।
इसी वजह से भारतीय पक्ष की ओर से मुलाकातों के दौरान सावधानी बरती जाती रही है। सूत्रों ने दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ ट्रंप की बातचीत का भी संदर्भ दिया।
मोदी-ट्रंप की बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
G7 समिट के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात में कई मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इसमें जहाजों पर हमलों के बीच नाविकों की सुरक्षा, हॉर्मुज को फिर से खोलने और भारत-अमेरिका के बीच बिजनेस डील से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने हॉर्मुज में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने ट्रंप से कहा कि हॉर्मुज में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक हैं और उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।
इस पर ट्रंप ने भारत के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर भारत पर कभी हमला होता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा। साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर भारत में कोई नया नेता आता है तो उन्हें इस बारे में पक्का पता नहीं है।
