खाड़ी में बढ़ा सैन्य तनाव! रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, दम्माम भी निशाने पर

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को हुए ताजा हूती हमले के बाद एयरपोर्ट का कामकाज पूरी तरह रोक दिया गया है। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 अन्य लोग घायल हो गए। इसके अलावा पूर्वी सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट पर भी हमले की सूचना है। सोमवार सुबह सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली (Air Defences) ने दक्षिणी शहर खमिस मुशैत (Khamis Mushait) की ओर दागी गई एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया।
रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानें निलंबित, यूएई से भी विमान रद्द
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के मुताबिक, रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए। एक दिन पहले हुए एक अन्य बड़े हमले के कारण एयरपोर्ट का संचालन पहले ही रोक दिया गया था। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि हूती लड़ाकों की मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है।
लगातार हो रहे इन हमलों का सीधा असर विमानन सेवाओं पर पड़ा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से रियाद, जेद्दा, दम्माम और आभा जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या उनमें देरी हो रही है। यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गश ने खाड़ी देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया है।
ओमान के सोहर तट पर तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक
हवाई हमलों के साथ-साथ समुद्री रास्तों पर भी सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि ओमान के सोहर तट के पास एक कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन (Uncrewed Aerial Vehicle) से हमला किया गया है। इस हमले के बाद जहाज पर सवार दो भारतीय नाविक लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों द्वारा चालक दल को सुरक्षित निकाला गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध
कूटनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिका द्वारा दी गई आंशिक रियायतों को ‘अपर्याप्त’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रेजाई ने लिखा कि अमेरिका ने ईरान की सात शर्तों में से कुछ को मान लिया है, लेकिन पुरानी स्थिति में कोई वापसी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में विफल रहने के बाद अमेरिकी नौसेना अब ‘तस्करी’ का सहारा ले रही है।
जवाब में अमेरिकी सेना ने भी ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी तेज कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CentCom) के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में पनामा के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज (M/V Ocean Molica) के प्रोपल्शन को सटीक हमले से निष्क्रिय कर दिया गया। पिछले तीन महीनों में अमेरिका 135 जहाजों को वापस भेज चुका है और 10 टैंकरों को नष्ट कर चुका है।
चीन और ऑस्ट्रेलिया ने की हमलों की कड़ी निंदा
सऊदी अरब पर हुए इन हमलों को लेकर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने हूती हमलों की निंदा करते हुए सऊदी अरब और यमन के समूह के बीच बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी इन हमलों को ‘अस्वीकार्य’ करार देते हुए अपने नागरिकों को रियाद एयरपोर्ट की यात्रा न करने की चेतावनी दी है।
इन तमाम घटनाक्रमों के बीच सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने फोन पर बातचीत की। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और इसे सुलझाने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर चर्चा की।

