सऊदी पर हमले , अमेरिकी दूतावास से जुड़े कदम और ईरान की ‘जीरो आवर’

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब और गहरा गया है। सऊदी अरब में हुए अलग-अलग हमलों में एक फिलिपीनी और एक नेपाली नागरिक समेत तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। दम्मम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शेबा ऑयलफील्ड (Shaybah oilfield) को निशाना बनाया गया है। हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब से अपने सभी दूतावास कर्मचारियों और उनके परिवारों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है। इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अचानक रियाद का दौरा कर सऊदी अरब के प्रति एकजुटता दिखाई है।
दम्मम एयरपोर्ट और ऑयलफील्ड पर हमले, 3 की मौत
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के अनुसार, बुधवार शाम दम्मम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक निवासी की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। इसके अलावा, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि यूएई सीमा के पास शेबा ऑयलफील्ड को निशाना बनाकर दागे गए ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, लेकिन इसके मलबे की चपेट में आने से एक फिलिपीनी और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई।
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पूर्वी क्षेत्र और मदीना की ओर दागे गए छह ड्रोनों को मार गिराने का भी दावा किया है। लगातार हमलों के कारण बंद रहा रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दो दिन बाद आंशिक रूप से खोला गया है।
अमेरिका ने खाली कराया दूतावास, फ्रांस के राष्ट्रपति पहुंचे रियाद
सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। एक राजनयिक सूत्र के मुताबिक, वाशिंगटन ने सऊदी अरब में मौजूद सभी अमेरिकी दूतावास कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, यूएई, जॉर्डन, कतर और बहरीन से भी दूतावास कर्मचारियों के परिवारों को वापस बुलाया जा रहा है।
दूसरी तरफ, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ‘एकजुटता’ दिखाने के लिए अचानक रियाद पहुंचे। उनकी मुलाकात क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से तय है। मैक्रों इस महीने हूती हमलों के तेज होने के बाद सऊदी अरब का दौरा करने वाले पहले पश्चिमी नेता हैं। यह दौरा फ्रांस में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के बीच डीजल और पेट्रोल आपूर्ति सुरक्षित करने की कवायद भी माना जा रहा है। इससे पहले, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने ईरान के हमलों की निंदा की और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नेविगेशन के लिए तुरंत खोलने की मांग की।
ईरान की चेतावनी: इजरायल के लिए करीब आ रहा ‘जीरो आवर’
ईरान और इजरायल के बीच सैन्य टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी ने कहा कि दोनों देश “जीरो आवर” की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने इराक के ऊपर दुश्मन की उड़ानों और सैन्य तैयारियों का हवाला देते हुए इसे टकराव के स्पष्ट संकेत बताया।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि अगर अमेरिका विश्वास कायम करने के कदम उठाता है, तो ईरान कूटनीति के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कूटनीति के बजाय युद्ध चुनता है, तो यह उसके लिए “बड़ी रणनीतिक विफलता” होगी। ईरान के नव नियुक्त रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलागी ने देश की सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।
यमन में ‘डॉन ऑफ यमन’ ऑपरेशन, तेल निर्यात पर असर
यमन की सरकार ने दावा किया है कि ‘डॉन ऑफ यमन’ सैन्य अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में ईरान समर्थित हूती ठिकानों पर 835 हमले किए गए हैं, जिनमें लगभग 285 हूती लड़ाके और कमांडर मारे गए या घायल हुए हैं। दूसरी तरफ, हूतियों ने अदन हवाई अड्डे के पास यमनी सेना के एक शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का दावा किया है।
इस पूरे तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद, खाड़ी देशों के तेल निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एनर्जी इंटेलिजेंस फर्म केप्लर (Kpler) के अनुसार, सऊदी अरब और यूएई ने अपनी पाइपलाइनों और अन्य रास्तों के जरिए तेल निर्यात 23.3 मिलियन से बढ़ाकर 24 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक कर दिया है। हालांकि, हमलों के खतरे के कारण मालभाड़ा और युद्ध-जोखिम बीमा का खर्च काफी बढ़ गया है।
अमेरिका ने ईरान की “शैडो फ्लीट” (Shadow fleet) की मदद करने के आरोप में पनामा और ग्रीस स्थित एक लॉ फर्म (Karnakis and Karnakis) और शिपिंग एजेंटों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।

