नेपाल बाढ़ में तबाही का मंजर, 1,282 मौतें; 600 बच्चों का अब तक सुराग नहीं

नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही का मंजर लगातार गहराता जा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन (Avalanche) के कारण आई इस अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई है। शुक्रवार को सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,282 हो गई है, जबकि 4,700 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
रसुवा और नुवाकोट में 600 बच्चे लापता
स्थानीय शिक्षा विकास एवं समन्वय इकाइयों (EDCU), स्थानीय सरकारों और ‘काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के हवाले से सामने आया है कि मध्य नेपाल के रसुवा में लगभग 280 बच्चे और नुवाकोट में 300 से 350 बच्चे अभी भी लापता हैं। नुवाकोट शिक्षा इकाई के मुख्य सूर्य बहादुर खत्री ने बताया कि संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण स्कूलों से सटीक आंकड़े जुटाने में भारी कठिनाई आ रही है। इसके अलावा, रसुवा में 16 और नुवाकोट में 6 शिक्षकों के भी लापता होने की खबर है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस आपदा में रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के कुल 22 स्कूल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 12 स्कूल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
विभिन्न जिलों में बरामद हुए शव
नेपाल पुलिस से मिले आंकड़ों के अनुसार, अलग-अलग जिलों से बरामद शवों की संख्या इस प्रकार है:
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चितवन: 359
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नवलपरासी पूर्व: 218
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नवलपरासी पश्चिम: 208
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नुवाकोट: 185
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रसुवा: 140
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गोरखा: 72
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धादिंग: 60
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तनहुं: 38 इसके अलावा काठमांडू के अस्पतालों में इलाज के दौरान दो अन्य लोगों की मौत होने से कुल मृतक संख्या 1,282 तक पहुंच गई है। सुरक्षा बलों की संयुक्त कमान प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रही है और युद्धस्तर पर लापता लोगों की तलाश व राहत कार्यों में जुटी हुई है।
