Mira-Bhayandar: सब्जी पर छात्र से जुर्माना, शिक्षा विभाग ने मांगा जवाब

महाराष्ट्र के मीरा-भायंदर स्थित तपोवन विद्यालय में छात्रों के टिफिन (School Tiffin) को लेकर एक नया और चौंकाने वाला विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पर्युषण पर्व (Paryushan Parv) के दौरान एक छात्र अपने टिफिन में घर से मेथी की सब्जी लेकर स्कूल पहुंचा था। स्कूल प्रशासन ने उसे वह टिफिन खाने से रोक दिया, उसकी डायरी में रिमार्क लिखा और कैंटीन से भोजन देकर उसके बदले 20 रुपये भी वसूल किए। इस घटना के बाद अभिभावकों और राजनीतिक दलों में भारी आक्रोश है। शिक्षा विभाग ने इस मामले में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डायरी में रिमार्क- ‘मेथी प्रतिबंधित सब्जी है’
जानकारी के मुताबिक, भायंदर पूर्व के तपोवन विद्यालय में पढ़ने वाला एक छात्र टिफिन में मेथी की सब्जी लाया था। दावा है कि स्कूल प्रशासन ने न केवल छात्र को उसका टिफिन खाने से रोका, बल्कि उसकी नोटबुक में रिमार्क (Remark) भी लिखा कि “मेथी प्रतिबंधित सब्जी है।” इस रिमार्क के बाद अभिभावकों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर मेथी जैसी सामान्य हरी सब्जी को प्रतिबंधित क्यों माना गया?
कैंटीन का खाना दिया और वसूले 20 रुपये
आरोप है कि छात्र को अपना टिफिन खाने की अनुमति नहीं दी गई और स्कूल प्रशासन ने उसे अपनी कैंटीन से भोजन उपलब्ध कराया। इसके ऐवज में छात्र से 20 रुपये लिए गए। अब इस बात को लेकर विवाद गहरा गया है कि क्या यह 20 रुपये की राशि कैंटीन के भोजन का शुल्क (Fee) थी या फिर ‘प्रतिबंधित’ सब्जी लाने के नाम पर अप्रत्यक्ष रूप से लगाया गया जुर्माना (Fine)।
जैन समुदाय की परंपराओं का हवाला और पुराने विवाद
जानकारी के अनुसार, तपोवन विद्यालय में जैन समाज के विद्यार्थियों की संख्या अधिक है। दावा किया जा रहा है कि स्कूल में जैन समुदाय के पवित्र पर्युषण पर्व के दौरान कंदमूल और कुछ अन्य खाद्य पदार्थों के सेवन पर रोक की परंपरा का हवाला दिया जाता है। हालांकि, हरी मेथी को भी इस श्रेणी में क्यों रखा गया, इसे लेकर लोग हैरान हैं।
स्कूल पर पहले भी लगे हैं आरोप: यह पहला मौका नहीं है जब तपोवन विद्यालय टिफिन विवाद को लेकर सुर्खियों में है। इससे पहले भी स्कूल पर आरोप लगा था कि पर्युषण पर्व के दौरान टिफिन में प्याज, आलू, अदरक, चुकंदर और गाजर जैसी चीजें लाने पर छात्रों से 50 रुपये का जुर्माना वसूला गया था। इन शिकायतों को लेकर भी काफी बवाल हुआ था।
MNS की शिकायत पर शिक्षा विभाग का एक्शन
इस ताजे मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने कड़ा विरोध जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद मीरा-भायंदर महानगरपालिका के शिक्षा विभाग ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया।
शिक्षा अधिकारी सुलभा वठारे ने 17 सितंबर को तपोवन विद्यालय के प्रशासन को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन से पूछा है कि:
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छात्रों से जुर्माना वसूलने और टिफिन संबंधी कड़े नियमों को किस आधार पर लागू किया गया है?
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छात्र से लिए गए 20 रुपये का स्वरूप क्या था (शुल्क या जुर्माना)?
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क्या यह किसी वैध नियम या कानून के तहत लिया गया था?
फिलहाल, शिक्षा विभाग स्कूल प्रशासन के विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
