ईरान की धमकी से मिडिल ईस्ट में तनाव, ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर के करीब

Trump
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

खाड़ी देशों और लाल सागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी शिपिंग पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी के बीच ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इस तीखे टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो पिछले छह हफ्तों का सबसे उच्चतम स्तर है।

US सेंट्रल कमांड की कार्रवाई और शिपिंग डायवर्शन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, वाशिंगटन की नाकाबंदी का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए अब तक 94 कमर्शियल जहाजों के मार्ग को डायवर्ट किया जा चुका है, जबकि 3 जहाजों को निष्क्रिय किया गया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की कार्रवाई की गई है। इस बीच, अमेरिकी नौसेना के गोताखोरों और ड्रोन्स ने सामरिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बारूदी सुरंगों (mines) से मुक्त कराने का काम किया है।

सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमले और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा लगातार फैल रहा है:

  • सऊदी अरब में हमले: यमन के हूती विद्रोहियों ने दक्षिण सऊदी अरब के कई शहरों (अभा, खमीस मुशैत, जिजान और नजराण) पर दर्जनों ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों से देश के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा सुविधाओं और प्रतिष्ठानों में आग लग गई, जिसके चलते कुछ ऑपरेशंस को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। हमलों में कई नागरिकों के घायल होने की खबर है।

  • सऊदी और खाड़ी देशों का रुख: सऊदी अरब ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का संकल्प लिया है। यूएई, बहरीन, जॉर्डन और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने सऊदी अरब पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।

  • लेबनान में एयरस्ट्राइक: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के एक गांव पर हुए इजरायली हवाई हमलों में दो बच्चों सहित 12 लोगों की मौत हो गई है।

ईरान का रुख और कूटनीतिक बयान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य ने हमेशा युद्ध का विरोध किया है और संघर्ष से बचकर क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने नागरिकों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि आक्रामकता जारी रही, तो ईरान पूरी ताकत के साथ इसका प्रतिरोध करेगा।

उड्डयन और यात्रा पर असर

मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण विमानन सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ा है। अबू धाबी और दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों के संचालन में लगातार देरी और रद्दीकरण की खबरें आ रही हैं। माउंट अनाक क्राकाटुआ के ज्वालामुखी की राख के कारण इंडोनेशिया और यूएई के बीच उड़ानें पहले से ही बाधित हैं, जबकि एयर फ्रांस ने दुबई के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन बढ़ा दिया है।