अब फेसबुक-इंस्टाग्राम पर लगेगी 2 घंटे की लिमिट- जानिए क्यों ?

Meta
शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

सैन फ्रांसिस्को: दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) पर बच्चों को सोशल मीडिया की लत लगाने के आरोपों पर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका में बच्चों और किशोरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुकदमे को खत्म करने के लिए मेटा ने एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते के तहत मेटा करीब 17 अरब डॉलर का भुगतान करने के लिए तैयार हो गई है।

भुगतान के साथ-साथ कंपनी बच्चों के लिए अपने ऐप्स (Facebook और Instagram) में कई बड़े और सख्त बदलाव करेगी। इनमें दोनों प्लेटफॉर्म्स को मिलाकर दिन में अधिकतम दो घंटे की डिफॉल्ट लिमिट और रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक शामिल है। हालांकि, इस समझौते में मेटा ने अपनी कोई गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है।

क्या था पूरा मामला और आरोप?

अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने साल 2023 में मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उनका आरोप था कि कंपनी ने फेसबुक और इंस्टाग्राम में जानबूझकर ऐसे फीचर बनाए हैं, जिनसे बच्चों और किशोरों का इन ऐप्स का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा बढ़ता है और उन्हें इसकी लत लग जाती है।

राज्यों का तर्क था कि इससे बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कंपनी पर यह भी आरोप था कि उसने अभिभावकों को इन खतरों के बारे में गुमराह किया। कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में इस मामले की सुनवाई अगस्त 2026 में शुरू हुई थी। अब समझौता होने के बाद यह मुकदमा ट्रायल के रूप में आगे नहीं चलेगा, हालांकि इसे अभी अदालत की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

कितनी रकम का हुआ है समझौता?

समझौते की रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं:

  • कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल: इनके मुताबिक समझौते में राज्यों को 17 अरब डॉलर तक मिल सकते हैं।

  • मेटा का बयान: कंपनी ने अपने आधिकारिक बयान में कुल भुगतान करीब 18 अरब डॉलर बताया है।

  • विदेशी मीडिया: रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते की अधिकतम रकम करीब 16.68 अरब डॉलर है।

इस भारी-भरकम रकम का एक बड़ा हिस्सा तय है, जबकि करीब 5 अरब डॉलर से ज्यादा का हिस्सा कुछ शर्तों पर निर्भर है। यह अतिरिक्त रकम राज्यों को तभी मिलेगी जब YouTube और TikTok भी बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे ही सख्त कदम उठाएं और तय रकम का भुगतान करें। मेटा ने स्पष्ट किया है कि वह इस समझौते के लिए 2026 की तीसरी तिमाही में करीब 10 अरब डॉलर का कानूनी खर्च दर्ज करेगी।

फेसबुक और इंस्टाग्राम में अब क्या बदलेगा?

समझौते के बाद 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए मेटा के प्लेटफॉर्म्स पर कई सख्त नियम लागू होंगे:

  • दिन में सिर्फ 2 घंटे की लिमिट: फेसबुक और इंस्टाग्राम को मिलाकर रोजाना दो घंटे की डिफॉल्ट टाइम लिमिट होगी। इस लिमिट को हटाने के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य होगी।

  • रात में ऐप बंद: रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किशोर फेसबुक और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं कर पाएंगे।

  • स्कूल टाइम में म्यूट: सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे (स्कूल का समय) तक डिफॉल्ट रूप से सभी नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगे, केवल जरूरी अलर्ट और सीधे मैसेज ही आएंगे।

  • ब्रेक रिमाइंडर: लगातार इस्तेमाल के दौरान किशोरों को नियमित ब्रेक लेने के लिए रिमाइंडर दिखाए जाएंगे।

  • मेंटल हेल्थ का ध्यान: मानसिक सेहत को प्रभावित करने वाले सार्वजनिक लाइक काउंट और कुछ ब्यूटी फिल्टर जैसे फीचर्स को सीमित किया जाएगा। इसके अलावा, सख्त पैरेंटल कंट्रोल और उम्र जांचने की तकनीक भी लागू होगी।

YouTube और TikTok के लिए भी रखी गई शर्त

मेटा का मानना है कि सिर्फ उसके ऐप्स पर सख्ती करने से बच्चों की लत की समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी, क्योंकि बच्चे दूसरे प्लेटफॉर्म पर जा सकते हैं। इसीलिए समझौते की बाकी रकम का एक हिस्सा यूट्यूब और टिकटॉक के कदम उठाने पर निर्भर है। दोनों कंपनियों को भी बच्चों के लिए एक घंटे की डेली लिमिट, रात में इस्तेमाल पर रोक और उम्र की जांच जैसे कड़े उपाय लागू करने होंगे।

मेटा का रुख और आगे की राह

मेटा ने लगातार इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि किशोरों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव हमेशा से उसकी प्राथमिकता रही है। कंपनी का कहना है कि इस समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दूसरे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी ऐसे ही कदम उठाएं या नहीं। फिलहाल, यह समझौता कैलिफोर्निया की संघीय अदालत की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही ये नई शर्तें और बदलाव लागू होंगे।