Lohagad : कैसे खुलती गई सिया-चेतन की साजिश की 5 कड़ियां?

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भोजराज नावानी
भोजराज नावानी

पुणे ग्रामीण पुलिस ने चर्चित लोहगढ़ किले हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दायर कर दी है। दस्तावेज सिर्फ घटना का ब्यौरा नहीं देते। वे बताते हैं कि कैसे एक रिश्ता धीरे-धीरे गणना और तैयारी में बदल गया। मंगेतर सिया गोयल, उनके प्रेमी चेतन चौधरी और साथी रितेश हांगे पर आरोप है कि उन्होंने 18 जून को केतन अग्रवाल को किले से धक्का देकर मार डाला। तीनों गिरफ्तार हैं।चार्जशीट का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यह है कि हत्या से पहले डिजिटल दुनिया में कितनी गहराई से तैयारी की गई। सिया ने मर्डर से जुड़ी जानकारी के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया, फिल्में देखीं और पॉडकास्ट सुने। पुलिस से बचने के तरीकों पर भी सामग्री जुटाई गई। राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम रघुवंशी के मामले को भी सर्च किया गया—ताकि वही गलतियां दोहराई न जाएं। मोबाइल की सर्च हिस्ट्री अब सबूत बन चुकी है।गुप्त रिश्ते की पड़तालपुलिस एक और कोण की जांच कर रही है। आशंका है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने दिसंबर 2025 में राजस्थान के खाटू श्याम मंदिर में गुप्त विवाह कर लिया था। जुलाई में एक विशेष टीम सबूत जुटाने राजस्थान गई। मंदिर के आधिकारिक पंजीकरण या सीसीटीवी में पुष्टि नहीं मिली, लेकिन मोबाइल से एक तस्वीर बरामद हुई है जिसमें दोनों फूलों की माला पहने दिख रहे हैं। चार्जशीट में इस तस्वीर को सबूत के रूप में शामिल किया गया है।योजना की परतेंचार्जशीट बताती है कि पहले केतन को बुरी तरह घायल करने की योजना बनी थी। बाहर से किसी व्यक्ति को किराये पर लेने की बातचीत भी हुई। उस व्यक्ति से संपर्क भी किया गया। बाद में योजना बदल दी गई—डर था कि भाड़े का व्यक्ति साजिश खोल सकता है। वही व्यक्ति अब गवाह बन चुका है।लोहगढ़ का चुनाव भी संयोग नहीं था। लोनावला के आसपास टाइगर पॉइंट सहित कई जगहों की रेकी की गई। लोहगढ़ इसलिए चुना गया क्योंकि पिछले साल वहां एक महिला की मौत हो चुकी थी। इसे सेल्फी लेते समय हुई दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की जा सकती थी। एक तस्वीर ने बाद में राज खोल दिया।केतन को किले तक लाने के लिए सिया ने ‘माही’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया। किसी परिचित महिला की तस्वीर इस्तेमाल की गई। उसी अकाउंट से केतन को 18 जून को सिया के बर्थडे पार्टी के बहाने लोहगढ़ बुलाया गया। हत्या के बाद अकाउंट डिलीट कर दिया गया।पहले भी हुई थीं कोशिशेंचार्जशीट में दावा है कि 14 जून को भी सिया और केतन लोहगढ़ गए थे। उस दिन भी धक्का देने की कोशिश हुई, लेकिन केतन पेड़ पकड़कर बच गए। पूछने पर सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाया। 6 जून को शादी से पहले के फोटोशूट के दौरान केतन का पासपोर्ट फाड़कर वॉशरूम में फेंक दिया गया, जिससे बाली यात्रा रद्द हो गई। 4 जून को भी किले जाने की कोशिश थी ताकि यात्रा कैंसिल हो जाए।18 जून को अंजाम दिया गया। चेतन चौधरी किले के बाहर जाने वाले मार्ग से अंदर घुसे। सिया के संकेत के बाद वे साथ शामिल हुए। जब केतन का ध्यान भटका, सिया ने पीछे से धक्का दिया। चेतन ने लात मारी। केतन किले से गिर गए।सबूतों का पुलिंदापुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं। मोबाइल डेटा, व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, कॉल डिटेल्स और डिजिटल सर्च हिस्ट्री चार्जशीट का हिस्सा हैं। साजिश की रूपरेखा अब कागजों पर दर्ज हो चुकी है—शोध से लेकर लोकेशन चयन, फर्जी अकाउंट से लेकर पहले के असफल प्रयासों तक।लोहगढ़ की ऊंचाई अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं रह गई। वह एक ऐसी साजिश की गवाह बन गई है जिसमें रिश्ते का नाटक, डिजिटल तैयारी और ठंडी गणना एक साथ चली। चार्जशीट अदालत में पेश हो चुकी है। अब न्यायिक प्रक्रिया तय करेगी कि ये आरोप कितने प्रमाणित होते हैं। लेकिन दस्तावेज पहले ही बता चुके हैं कि यह कोई आवेग में हुई घटना नहीं, बल्कि महीनों की योजना का नतीजा थी।