ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन आक्रामकता का देगा कड़ा जवाब: पेजेशकियन

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अजमल शाह
अजमल शाह

तेहरान/बिश्केक: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट किया है कि उनका देश युद्ध की इच्छा नहीं रखता, लेकिन किसी भी बाहरी आक्रामकता का पूरी दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमेशा यही “स्पष्ट” संदेश दिया है कि वह संघर्ष से दूर रहना चाहता है।

“हम युद्ध की तलाश में नहीं हैं”

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा, “हम युद्ध नहीं चाहते हैं, और यह एक स्पष्ट संदेश है जिसे हमने बार-बार दुनिया तक पहुंचाया है।” हालांकि, उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए यह भी जोड़ा कि ईरान किसी भी आक्रामकता के सामने कभी चुप नहीं बैठेगा और हमलावरों को करारा व “निर्णायक” जवाब देगा।

क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और इस क्षेत्र में अस्थिरता किसी भी देश के हित में नहीं है, बल्कि इससे सभी के लिए मुश्किलें पैदा होंगी। उन्होंने आर्थिक और सुरक्षा संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्षेत्रीय देशों के बीच आपसी तालमेल और एकजुटता को बेहद जरूरी बताया। पेजेशकियन ने कहा, “क्षेत्र में अस्थिरता और अशांति किसी भी देश के हित में नहीं है। इसलिए हमें हाथ मिलाकर क्षेत्र में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करना चाहिए।”

SCO से अमेरिकी एकतरफावाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग

बिश्केक में आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे समय में जब कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं दुनिया में एकतरफा नैरेटिव थोपने की कोशिश कर रही हैं, यह बैठक अंतरराष्ट्रीय मंच पर विविध और स्वतंत्र आवाजों की मौजूदगी का प्रतीक है।

इससे पहले, चोलपों-अता में हुई एससीओ काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर की बैठक में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी संगठन से एकतरफावाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों की रक्षा करने का आह्वान किया था। तेहरान लगातार यह मांग करता रहा है कि इस ब्लॉक को बहुपक्षीयता और राज्य की संप्रभुता के सम्मान के लिए एक मजबूत आवाज बनना चाहिए।

क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर होगी चर्चा

पेजेशकियन ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में शामिल होने वाले क्षेत्रीय नेता रचनात्मक बातचीत करेंगे, जिससे क्षेत्रीय देश अपने मुद्दों को स्वतंत्र रूप से सुलझाने की अपनी क्षमता साबित कर सकेंगे। सम्मेलन के इतर होने वाली द्विपक्षीय बैठकों से क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एससीओ सचिवालय के अनुसार, राष्ट्राध्यक्षों का यह 26वां शिखर सम्मेलन 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के कई बड़े नेता शिरकत कर रहे हैं।