होर्मुज पर ईरान का बड़ा दांव, जहाजों पर भारी टोल और डॉलर को चुनौती

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हुसैन अफसर
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तेहरान/वाशिंगटन: पश्चिम एशिया के सबसे अहम और रणनीतिक समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ा वैश्विक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर भारी ट्रांजिट फीस (Transit Fee) लागू करने का प्रस्ताव पारित कर दिया है। इसके जरिए तेहरान इस रास्ते से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक पोतों के लिए एक नया आर्थिक ढांचा स्थापित करने की तैयारी में है। इस पूरी योजना में ओमान के साथ वित्तीय साझेदारी और अमेरिकी डॉलर को पूरी तरह दरकिनार करने जैसे बड़े कदम शामिल हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और कूटनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

प्रति जहाज कितनी होगी वसूली और क्या है ईरान का तर्क? स्वीकृत मसौदे के अनुसार, होर्मुज जलमार्ग का उपयोग करने वाले प्रत्येक कमर्शियल पोत से प्रति ट्रांजिट 15 लाख से 20 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 12.5 से 16.5 करोड़ रुपये) तक की राशि वसूलने का प्रावधान रखा गया है।

  • हालांकि, ईरान इसे आधिकारिक तौर पर ‘टोल टैक्स’ के बजाय जहाजों को दी जाने वाली सुरक्षा, नेविगेशन, बीमा, पर्यावरणीय सुरक्षा और आपातकालीन ईंधन पूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं का ‘सेवा शुल्क’ बता रहा है।

  • संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत इस तरह के एकतरफा शुल्क वसूलने का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध शुरू हो गया है।

ओमान के साथ राजस्व बंटवारे पर चर्चा भौगोलिक रूप से होर्मुज जलमार्ग के नियंत्रण में ओमान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) और ओमान के बीच पिछले एक महीने से जलक्षेत्र के साझा इस्तेमाल और आय के बंटवारे को लेकर गहन वार्ता चल रही है।

  • दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके तहत कमाई का एक हिस्सा ओमान को भी मिलेगा।

  • विचार-विमर्श के दौरान ईरान ने जहाजों के कुल माल मूल्य का 5% से 7% तक वसूलने का प्रस्ताव रखा था, जबकि ओमान ने व्यापारियों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए इसे 3% तक सीमित रखने का सुझाव दिया है।

अमेरिकी डॉलर को चुनौती और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल इस नीति का सबसे चौंकाने वाला पहलू भुगतान का तरीका है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी डॉलर के वैश्विक प्रभुत्व को चुनौती देता है। जहाजों से यह भुगतान ‘ईरानी रियाल’ या तेहरान द्वारा स्वीकृत अन्य वैकल्पिक मुद्राओं में लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समुद्री बीमा और ट्रांजिट फीस का भुगतान करने के लिए बिटकॉइन जैसी डिजिटल परिसंपत्तियों (क्रिप्टोकरेंसी) के इस्तेमाल पर भी सहमति बनी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रतिबंधों से बचा जा सके।

अमेरिका का कड़ा पलटवार, 5 प्रमुख क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध ईरान की इस आक्रामक पहल के जवाब में संयुक्त राज्य अमेरिका ने तुरंत सख्त आर्थिक कदम उठाए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के 5 अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है:

  1. डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टोकरेंसी

  2. उन्नत तकनीक (Advanced Technology)

  3. सोना और बहुमूल्य धातुएं

  4. विमानन (Aviation) सेक्टर

  5. शिपिंग और मैरीटाइम सेक्टर

अमेरिका ने कड़ी चेतावनी जारी की है कि जो भी देश या विदेशी कंपनी इन प्रतिबंधित क्षेत्रों के जरिए ईरान के साथ वित्तीय लेनदेन करेगी, उसे भी अमेरिकी प्रतिबंधों की सीधी जद में लाया जाएगा।