ईरान की दो टूक: ‘आर्थिक दबाव से कुछ हासिल नहीं होगा, डटकर खड़े रहेंगे’

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की ओर से बनाए जा रहे आर्थिक दबाव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वाशिंगटन अपनी आर्थिक घेराबंदी के जरिए किसी भी मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएगा और ईरान इस दबाव का डटकर मुकाबला करेगा। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने यह सख्त संदेश सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान (CBI) में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दिया, जहां उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा से जुड़े मामलों की समीक्षा की।

‘आर्थिक दबाव से नहीं झुकेगा ईरान’

बैठक के दौरान मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सरकार के आर्थिक विभागों ने अमेरिकी दबाव से निपटने के लिए पहले ही आवश्यक कदम उठा लिए हैं। उन्होंने कहा, “जिस तरह अमेरिका हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी और जनता के समर्थन के कारण युद्ध के दौरान कुछ भी हासिल नहीं कर सका, उसी तरह इस चरण में भी वह आर्थिक दबाव के जरिए कुछ भी हासिल नहीं कर पाएगा।” यह अहम बैठक ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ‘आर्थिक दबाव’ के नए अभियान की घोषणा की है।

बातचीत का रास्ता खुला, लेकिन रुख सख्त

ईरानी राष्ट्रपति ने अपनी कूटनीतिक रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता बातचीत और आपसी समझ के जरिए मुद्दों को सुलझाना है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस रवैये का मतलब दबाव के आगे झुकना नहीं है। पेजेशकियन ने जोर देकर कहा, “हमारा दृष्टिकोण बातचीत से समाधान निकालने का है, लेकिन इसके साथ ही हम आर्थिक दबाव के खिलाफ पहले की तरह मजबूती से खड़े हैं और आगे भी डटे रहेंगे।”

‘इकोनॉमिक जिहाद’ की सराहना

राष्ट्रपति ने मुश्किल हालात में भी बाजार में स्थिरता बनाए रखने और लोगों की आजीविका की जरूरतें पूरी करने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों की तारीफ की। उन्होंने इस कठिन प्रयास को ‘इकोनॉमिक जिहाद’ (आर्थिक जिहाद) का नाम देते हुए कहा कि तमाम समस्याओं और बाहरी दबावों के बावजूद इन संस्थाओं ने अपने प्रयास जारी रखे हैं।

विशेषज्ञों के साथ आर्थिक मोर्चे पर रणनीति

सेंट्रल बैंक में हुई इस बैठक में अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदनीजादेह, सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती और विश्वविद्यालयों के कई प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने व्यापारिक बाधाओं से निपटने, विदेशी मुद्रा बाजार, नकदी प्रवाह और महंगाई को नियंत्रित करने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने मौजूदा विशेष परिस्थितियों में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन हालात में विदेशी मुद्रा और धन बाजारों के कुशल प्रबंधन के लिए सरकार, नीति-निर्माता संस्थाओं और देश के अन्य आर्थिक स्तंभों के बीच पूर्ण एकजुटता और तालमेल होना बेहद जरूरी है।