ईरान का दावा: 40 दिन की जंग में हथियारों का उत्पादन तीन गुना से ज्यादा बढ़ा

ईरान: ईरान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि हालिया 40 दिन के युद्ध के दौरान कुछ रणनीतिक हथियारों और युद्ध के लिए जरूरी रक्षा उत्पादों का उत्पादन युद्ध से पहले के स्तर की तुलना में तीन गुना से ज्यादा बढ़ गया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रजा तलई-निक ने शुक्रवार को एक televised special news program में ईरान की रक्षा उत्पादन क्षमता और युद्ध के दौरान हथियारों की आपूर्ति को लेकर यह जानकारी दी।
तलई-निक के मुताबिक, ईरान की रक्षा उद्योग की क्षमता अब 1980 के दशक में इराक के साथ हुए आठ साल के युद्ध के दौर की तुलना में काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा रक्षा क्षमताओं की तुलना उस समय की क्षमताओं से नहीं की जा सकती।
युद्ध के दौरान हथियारों का उत्पादन तीन गुना से ज्यादा बढ़ने का दावा
ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले एक साल में, जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच, देश के रक्षा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उनके मुताबिक, 12 दिन के युद्ध के बाद उत्पादन क्षमता में खास तौर पर बढ़ोतरी हुई।
तलई-निक ने दावा किया कि पिछले एक साल में हथियारों, सैन्य उपकरणों और गोला-बारूद के उत्पादन में दो गुना वृद्धि हुई है। वहीं युद्ध के दौरान मोर्चे पर इस्तेमाल होने वाले कुछ रणनीतिक और प्राथमिकता वाले उत्पादों का उत्पादन सामान्य युद्धकालीन उत्पादन स्तर से तीन गुना से अधिक बढ़ गया।
मोर्चे पर इस्तेमाल के साथ उत्पादन जारी रहने का दावा
तलई-निक ने ईरान की रक्षा उत्पादन व्यवस्था की एक खासियत के तौर पर उत्पादन की गति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में जिस गति से हथियार और गोला-बारूद इस्तेमाल होते हैं, उसी गति से उनकी जगह नए उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
उनके मुताबिक, ईरानी निर्मित हथियार और सैन्य उपकरण इस्तेमाल होने के साथ ही उनका उत्पादन भी लगातार जारी रहता है। उन्होंने इसे देश की टिकाऊ रक्षा उत्पादन क्षमता का उदाहरण बताया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हालिया US-Israeli हमलों के दौरान उत्पादन में हुई वृद्धि ने ईरान के राष्ट्रीय औद्योगिक तंत्र में लगातार उत्पादन क्षमता बनाए रखने की अहमियत को सामने रखा।
स्वदेशी उत्पादन को बताया बड़ी वजह
तलई-निक ने रक्षा उत्पादन की आर्थिक दक्षता का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान में कुछ हथियारों और सैन्य उपकरणों के उत्पादन की लागत विदेशी विकल्पों की तुलना में काफी कम है।
उन्होंने इसके पीछे indigenization, knowledge-based production और देशभर में फैले उत्पादन नेटवर्क को प्रमुख कारण बताया। उनके अनुसार, रक्षा उद्योग से जुड़े इस नेटवर्क में अलग-अलग स्तर पर व्यापक भागीदारी है।
ईरानी अधिकारी ने रक्षा उत्पादन को राष्ट्रीय शक्ति मजबूत करने से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए विदेशी शक्तियों के दबाव का सामना करने का रास्ता राष्ट्रीय शक्ति को मजबूत करना है।
40 दिन की जंग और ईरान-अमेरिका तनाव
ईरानी पक्ष के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
इसके बाद 7 अप्रैल को युद्धविराम प्रभावी हुआ। 18 जून को ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने युद्ध खत्म करने और मतभेदों के समाधान के लिए 60 दिन की कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
हालांकि, ईरानी पक्ष के अनुसार, समझौते के कुछ सप्ताह बाद अमेरिका की ओर से फिर हमले किए गए, जिसके बाद ईरान ने दोबारा जवाबी कार्रवाई की।
