होर्मुज पर अमेरिका का बड़ा दावा, समुद्री रास्तों से हटाई गईं बारूदी सुरंगें

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी मीडिया के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज (Commercial Ships) समुद्री सुरंगों की चपेट में आ रहे हैं। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि इस जलमार्ग के सभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्राथमिक ट्रांजिट रूट सुरक्षित हैं और उन्हें अमेरिकी बलों द्वारा माइन-फ्री कर दिया गया है।
‘हजारों जहाजों ने किया सुरक्षित इस्तेमाल’
28 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक आधिकारिक बयान में CENTCOM ने ईरानी नियंत्रण वाले मीडिया द्वारा फैलाई जा रही इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह झूठा करार दिया। कमांड की ओर से कहा गया, “अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी प्राथमिक ट्रांजिट रूट्स से समुद्री सुरंगें हटा दी हैं। हजारों कमर्शियल जहाजों ने सुरक्षित रूप से इन मार्गों का इस्तेमाल किया है और यह व्यापारिक आवाजाही आज भी जारी है।”
इससे पहले सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने भी अपने बयान में कहा था कि प्राथमिक शिपिंग रूट “ईरानी समुद्री सुरंगों से पूरी तरह मुक्त और साफ” हैं।
सुरंगें नहीं, लेकिन अन्य खतरे अब भी बरकरार
अमेरिकी सेना के इस आश्वासन के बावजूद, शिपिंग इंडस्ट्री में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं खत्म नहीं हुई हैं। सुरक्षित ट्रांजिट रूट का मतलब यह नहीं है कि पूरा खाड़ी क्षेत्र सुरंगों से मुक्त है या यहां नेविगेशन को कोई अन्य खतरा नहीं है।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) की एक हालिया साप्ताहिक रिपोर्ट में बताया गया था कि होर्मुज से गुजरते समय एक कंटेनर शिप पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (Unidentified Projectile) से हमला हुआ था। यह घटना स्पष्ट करती है कि रास्तों का माइन-फ्री होना और व्यापक समुद्री सुरक्षा, दोनों अलग-अलग पहलू हैं। व्यापारिक जहाजों को अभी भी UKMTO की एडवायजरी और सुरक्षा आकलनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
तेल व्यापार के आंकड़ों में भारी गिरावट
होर्मुज में नेविगेशन लेन साफ होने का यह अर्थ भी नहीं है कि इस रूट पर व्यापार पूरी तरह सामान्य हो गया है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आंकड़े शिपिंग इंडस्ट्री पर पड़े असर की साफ गवाही देते हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 2025 की चौथी तिमाही में होर्मुज के रास्ते रोजाना 2.16 करोड़ (21.6 मिलियन) बैरल तेल गुजरता था। व्यवधानों के चलते 2026 की दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा गिरकर महज 49 लाख (4.9 मिलियन) बैरल प्रतिदिन रह गया। हालांकि, EIA ने 21 अक्टूबर के अपने आउटलुक में अनुमान जताया है कि साल के अंत तक वैश्विक कच्चे तेल का उत्पादन और व्यापार अपने युद्ध-पूर्व के स्तर पर लौट सकता है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य अरब की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद क्रिटिकल चोकपॉइंट (Chokepoint) है। मौजूदा व्यवधानों से पहले, दुनिया भर की कुल पेट्रोलियम खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था। यही कारण है कि इस रूट पर नेविगेशन रिस्क से जुड़ी कोई भी जानकारी क्रू मेंबर्स, बीमा कंपनियों, शिपिंग कंपनियों और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए सीधे तौर पर मायने रखती है।

