Dubai Legathon: AI-रोबोटिक्स समेत नई तकनीक, बदलेंगे निर्माण के नियम?

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

दुबई अपने भविष्य के निर्माण के लिए नई तकनीकों और नियमों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए दुबई म्युनिसिपैलिटी (Dubai Municipality) ने एमिरेट्स टावर्स (Emirates Towers) में पहले ‘फ्यूचर ऑफ कंस्ट्रक्शन लेगाथॉन’ (Future of Construction Legathon) का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में सरकारी संस्थाओं, उद्योग जगत के हितधारकों, इनोवेटर्स और विशेषज्ञों ने एक मंच पर आकर निर्माण क्षेत्र में उभरती हुई तकनीकों को अपनाने में आने वाली विधिक और विनियामक (regulatory) चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण दुबई म्युनिसिपैलिटी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन (Dubai Future Foundation) के बीच हुआ एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौता रहा। इस समझौते का उद्देश्य ‘सैंडबॉक्स दुबई’ (Sandbox Dubai) के तहत नियामक प्रयोगों (regulatory experimentation) के माध्यम से इनोवेशन को गति देना और बिल्डिंग व कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सहयोग का नया ढांचा तैयार करना है।

नई चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पर जोर

लेगाथॉन में भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने विशिष्ट नियामक चुनौतियों की समीक्षा की और ऐसे व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर जोर दिया जो प्रभावी शासन (governance) और अनुपालन (compliance) को बनाए रखते हुए इनोवेशन को बढ़ावा दें।

पूरे कार्यक्रम का मुख्य फोकस सरकारी संस्थाओं और निजी क्षेत्र के बीच एकीकरण (integration) को मजबूत करने पर रहा। इसके साथ ही, भविष्य के भवन निर्माण नियमों और लाइसेंसिंग आवश्यकताओं को तय करने में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

सैंडबॉक्स समझौते के क्या हैं मायने?

इस नए समझौते के तहत, दुबई म्युनिसिपैलिटी और दुबई फ्यूचर फाउंडेशन शुरुआती तौर पर ‘स्मार्ट बिल्ट एनवायरनमेंट’ (Smart Built Environment) सैंडबॉक्स ग्रुप के भीतर सहयोग करेंगे। भविष्य में इस साझेदारी को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जा सकता है।

  • टेस्टिंग और डेटा का विश्लेषण: यह सहयोग दुबई के कंस्ट्रक्शन सेक्टर में नए प्रयोगों और नियामक नीतियों के परीक्षण को सक्षम बनाएगा। प्रयोगों से प्राप्त डेटा और अनुभवों का विश्लेषण कर भविष्य की नीतियों और रूपरेखाओं के लिए सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

  • टेक्निकल फ्रेमवर्क: दुबई म्युनिसिपैलिटी संबंधित तकनीकी विभागों के साथ समन्वय कर नई तकनीकों और पायलट प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन के लिए जरूरी आवश्यकताएं और नियंत्रण स्थापित करेगी।

  • सैंडबॉक्स दुबई का सपोर्ट: वहीं, दुबई फ्यूचर फाउंडेशन सैंडबॉक्स दुबई प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपूर्ण समन्वय और दस्तावेजीकरण (documentation) में सहायता प्रदान करेगा। जिन प्रयोगों के नतीजे सफल रहेंगे, दोनों संस्थाएं दुबई में उन्हें बड़े पैमाने पर अपनाने या लागू करने के अवसरों का मूल्यांकन भी करेंगी।

इनोवेशन और कंप्लायंस के बीच संतुलन

दुबई म्युनिसिपैलिटी में बिल्डिंग रेगुलेशन एंड परमिट्स एजेंसी की सीईओ मरियम अल मुहैरी ने इस पहल पर कहा, “फ्यूचर ऑफ कंस्ट्रक्शन लेगाथॉन हमारी उस सोच को दर्शाता है जो कंस्ट्रक्शन सेक्टर के भविष्य को आकार देने वाली तकनीकों के साथ विकसित हो रही है। हमारा उद्देश्य नए विचारों और तकनीकों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए स्पष्ट रास्ते तैयार करना है, जबकि साथ ही गवर्नेंस और कंप्लायंस के मजबूत मानकों को भी बनाए रखना है।”

वहीं, दुबई फ्यूचर फाउंडेशन में रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन के चीफ खलीफा अल कामा ने कहा कि निर्माण का भविष्य हमारे शहरों, अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों के भविष्य को आकार देगा। उन्होंने जोर दिया कि सरकारी और निजी क्षेत्र को एक साथ लाकर एक ऐसा मॉडल बनाया जा रहा है जो दुबई को कल के शहरों को परिभाषित करने वाली तकनीकों के लिए एक ‘ग्लोबल टेस्टबेड’ के रूप में स्थापित करेगा।

स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को मिलेगा बढ़ावा

इस साझेदारी का एक बड़ा मकसद इनोवेटर्स, स्टार्ट-अप्स, और स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ जुड़ाव बढ़ाना है।

दोनों संस्थाएं मिलकर ऐसे चैनल उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगी, जिसके माध्यम से नई तकनीकों, उत्पादों और बिजनेस मॉडल का प्रदर्शन और परीक्षण किया जा सके। साथ ही, इनोवेटर्स को संबंधित सरकारी और उद्योग स्टेकहोल्डर्स से सीधे जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। इसमें ट्रेनिंग प्रोग्राम और वर्कशॉप जैसी पहल भी शामिल होंगी, ताकि नई निर्माण तकनीकों को अपनाने में बाजार प्रथाओं को मजबूत किया जा सके।