राहुल गांधी से क्यों नहीं मिले CJI ? पत्र में बताई वजह, जानिए पूरा मामला

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी INDIA (इंडिया) गठबंधन के नेता आज भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात करने वाले थे। हालांकि, इस प्रस्तावित मुलाकात से पहले ही CJI ने इससे स्पष्ट इनकार कर दिया है।

चीफ जस्टिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे एक पत्र लिखकर मुलाकात से इनकार किया है और इसके पीछे की कानूनी व नैतिक वजहों को भी स्पष्ट किया है।

मुलाकात से इनकार की मुख्य वजहें

1. विचाराधीन मामले (Sub-judice Matters) राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता चुनाव आयोग (ECI) के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ‘फॉर्म-6’ से जुड़े विवाद को लेकर CJI से मिलना चाहते थे। ये मामले और इनसे जुड़ी कई याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दायरे में हैं।

2. न्यायिक प्रोटोकॉल (Judicial Protocol) भारतीय न्यायिक परंपरा और स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार, कोई भी न्यायाधीश या मुख्य न्यायाधीश उन मामलों या मुद्दों पर किसी भी राजनीतिक दल या बाहरी व्यक्ति से व्यक्तिगत चर्चा नहीं कर सकता, जो वर्तमान में अदालत के समक्ष विचाराधीन (लंबित) हों। ऐसे में व्यक्तिगत मुलाकात करना न्यायिक आचार संहिता के सख्त खिलाफ माना जाता है।

3. 1997 की नैतिक आचार संहिता 7 मई 1997 को सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच द्वारा अपनाई गई ‘जजों के लिए नैतिक आचार संहिता’ (Code of Ethics for Judges) के पॉइंट 6 और 8 के अनुसार:

  • एक जज को अपने पद की गरिमा के अनुरूप कुछ हद तक दूरी बनाए रखनी चाहिए।

  • कोई भी न्यायाधीश सार्वजनिक बहस में शामिल नहीं होगा।

  • कोई भी जज राजनीतिक मामलों पर या अदालत में लंबित मामलों पर सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त नहीं करेगा। यहां तक कि उन मामलों पर भी जज टिप्पणी नहीं कर सकते, जिनके भविष्य में अदालत के समक्ष आने की संभावना हो।

यही कारण है कि ज्वलंत मुद्दों पर कार्यरत जज कभी खुलकर टिप्पणी नहीं करते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी इसी स्थापित न्यायिक परंपरा का कड़ाई से पालन किया है।