Ceuta Migration Crisis: 70 हजार लोगों ने पार की सीमा, 91 की मौत

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

Ceuta Migration Crisis: मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउता (Ceuta) की ओर 30 और 31 जुलाई को हुई बड़े पैमाने पर प्रवासन की घटना के दो हफ्ते से ज्यादा समय बाद भी कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। कोई अस्पताल पहुंच रहा है तो कोई पुलिस स्टेशन और सीमा क्षेत्र में अपने बेटे, भाई या रिश्तेदार के बारे में सुराग तलाश रहा है।

इस संकट के दौरान 70 हजार से अधिक लोगों ने मोरक्को और सेउता के बीच सीमा पार करने की कोशिश की थी। इनमें से अधिकांश लोग वापस लौट चुके हैं, जबकि करीब 2,000 से 5,000 प्रवासी अभी भी सेउता में मौजूद बताए जा रहे हैं।

मौत का आंकड़ा 91 पहुंचा

अधिकारियों के अनुसार, इस प्रवासन संकट में अब तक 91 लोगों की मौत हुई है। इनमें 80 मौतें स्पेन की ओर और 11 मोरक्को की तरफ हुई हैं। हालांकि, मोरक्को एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने मृतकों की संख्या कम से कम 141 होने का दावा किया है।

स्पेनिश अधिकारियों को समुद्र से दर्जनों शव मिले हैं, लेकिन कई शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में परिवार अब भी अपने लापता परिजनों के बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार की तैयारी, लेकिन कई शव अब भी अज्ञात

सेउता के सिदी म्बारेक मुस्लिम कब्रिस्तान के प्रबंधक सईद मोहम्मद मोहम्मद के मुताबिक, अदालत के आदेश के बाद गुरुवार से शवों को दफनाने की प्रक्रिया शुरू की जानी थी। उन्होंने बताया कि 80 से अधिक शव मौजूद हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण सभी को एक ही दिन दफनाना संभव नहीं होगा।

पहचान नहीं हो पाने के बावजूद शवों को नंबर और संबंधित कानूनी रिकॉर्ड के साथ दफनाया जाएगा। बाद में यदि कोई परिवार अपने रिश्तेदार की पहचान करता है तो रिकॉर्ड के आधार पर शव की पहचान और उसे परिवार को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

बेटे की तलाश में अस्पतालों और पुलिस स्टेशनों के चक्कर

उत्तरी मोरक्को के फ्नाइडेक शहर के रहने वाले राहली करीब एक सप्ताह तक अपने बेटे जकारिया की तलाश करते रहे। उनके मुताबिक जकारिया 30 जुलाई को अपने एक दोस्त के साथ टैंजियर से सेउता की ओर निकला था।

राहली ने बताया कि सीमा बंद मिलने के बाद दोनों समुद्र के रास्ते आगे बढ़ने की कोशिश करने वाले लोगों की भीड़ में शामिल हो गए। जकारिया का दोस्त तैरकर बाहर निकल आया, लेकिन भीड़ के बीच दोनों अलग हो गए। इसके बाद से जकारिया का कोई पता नहीं चला।

राहली ने अस्पतालों और पुलिस से भी संपर्क किया, लेकिन बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि जकारिया का फोन कुछ दिनों तक बजता रहा, लेकिन बाद में संपर्क पूरी तरह टूट गया।

सोशल मीडिया बना लापता लोगों की तलाश का जरिया

इस घटना के बाद Facebook, Instagram और TikTok जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी परिवारों के लिए अपने लापता परिजनों को खोजने का जरिया बन गए हैं। परिवार बच्चों और युवाओं की तस्वीरें साझा कर रहे हैं और लोगों से किसी भी जानकारी मिलने पर संपर्क करने की अपील कर रहे हैं।

32 वर्षीय मेहदी के परिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर वह समुद्र से बाहर निकलता दिखाई दे रहा था। उसकी बहन जीनब ने बताया कि परिवार को उसकी कुछ तस्वीरें भी मिलीं, लेकिन कई दिन बीतने के बावजूद उसकी कोई पक्की जानकारी नहीं मिल सकी है।

लापता लोगों के लिए स्पेन ने बनाया विशेष कार्यालय

स्पेनिश अधिकारियों ने सेउता में लापता लोगों की तलाश के लिए एक विशेष कार्यालय बनाया है। यहां परिवारों से शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और लापता लोगों की तस्वीरों, कपड़ों, सामान, टैटू या शरीर पर मौजूद अन्य पहचान चिह्नों की जानकारी जुटाई जा रही है।

परिवार के सदस्यों के जैविक नमूने भी लिए जा रहे हैं, ताकि अज्ञात शवों के DNA से उनका मिलान किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यालय के शुरू होने के बाद 32 लापता लोगों के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 29 के DNA से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। पहली DNA आधारित पहचान 5 अगस्त को की गई थी।

स्पेनिश सिविल गार्ड के फोरेंसिक विशेषज्ञ फिंगरप्रिंट और जैविक नमूनों की मदद से शवों की पहचान करने में जुटे हैं। जरूरत पड़ने पर पीड़ितों से जुड़ी जानकारी मोरक्को के अधिकारियों के साथ भी साझा की जा रही है।