UGC NET में बड़ा उलटफेर, English समेत 3 विषयों की परीक्षा फिर होगी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने UGC NET परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा के बाद सामने आई शिकायतों के बीच एजेंसी ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया है। इन तीनों विषयों की आंसर-की भी फिलहाल जारी नहीं की जाएगी। दूसरी ओर, बाकी 84 विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई है।
यह फैसला उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जिन्होंने परीक्षा के बाद प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी की शिकायत की थी। यानी जहां 84 विषयों में परीक्षा के बाद की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वहीं तीन विषयों के उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
तीन विषयों पर ही क्यों रुकी परीक्षा
NTA के सामने UGC NET परीक्षा के बाद अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर शिकायतें पहुंची थीं। उम्मीदवारों ने प्रश्नों में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं की ओर एजेंसी का ध्यान खींचा था।
शिकायतों की समीक्षा के बाद NTA ने इन तीन विषयों को बाकी परीक्षा से अलग रखा। एजेंसी का दोबारा परीक्षा कराने का फैसला इसी समीक्षा प्रक्रिया के बाद आया है।
Answer Key भी नहीं होगी जारी
NTA ने इन तीनों विषयों की प्रोविजनल आंसर-की जारी करने पर भी रोक लगा दी है। इसका सीधा संबंध दोबारा होने वाली परीक्षा से है। जब मूल परीक्षा को ही दोबारा कराने का फैसला लिया गया है, तब उसी परीक्षा की आंसर-की के आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ाने का सवाल भी फिलहाल टल गया है।
इसके विपरीत बाकी 84 विषयों के अभ्यर्थियों के लिए प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी गई है। इन उम्मीदवारों के लिए परीक्षा के बाद की सामान्य प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अभ्यर्थियों के लिए क्या बदला
अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के उम्मीदवारों के लिए अब मूल परीक्षा के बजाय दोबारा होने वाली परीक्षा महत्वपूर्ण होगी। इन अभ्यर्थियों को नई परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा और आगे की मूल्यांकन प्रक्रिया उसी के आधार पर चलेगी।
बाकी विषयों के उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा नहीं देनी होगी। उनके लिए प्रोविजनल आंसर-की के आधार पर आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी।
शिकायतों ने बढ़ाई परीक्षा व्यवस्था पर नजर
UGC NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रश्नपत्र की शुद्धता सीधे अभ्यर्थियों की मेरिट और पात्रता से जुड़ती है। ऐसे में प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी की शिकायत आने के बाद NTA का तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला परीक्षा संचालन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि पूरी UGC NET परीक्षा की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। NTA ने फिलहाल तीन विषयों को अलग करते हुए बाकी 84 विषयों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। यही इस फैसले का सबसे अहम हिस्सा है।
अब इन तीन विषयों के उम्मीदवारों के लिए अगली परीक्षा निर्णायक होगी, जबकि बाकी विषयों के अभ्यर्थी जारी प्रोविजनल आंसर-की के आधार पर आगे बढ़ेंगे। NTA के इस फैसले ने फिलहाल एक बात साफ कर दी है—जहां प्रश्नपत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल सामने आए, वहां एजेंसी ने परिणाम आगे बढ़ाने के बजाय परीक्षा दोबारा कराने का रास्ता चुना है।
