भदोही, ज्ञानपुर या औराई: 2027 में किस सीट पर कैसी सियासी बिसात?

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

 प्रयागराज और वाराणसी के बीच गंगा-वरुणा के तट पर बसा भदोही जिला केवल अपनी विश्वविख्यात हस्तशिल्प विरासत और कालीन उद्योग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वांचल की सियासत का वह केंद्र बिंदु है जो पूरे क्षेत्र के चुनावी मिजाज की दिशा तय करता है। सीता समाहित स्थल (सीतामढ़ी) और चेतसिंह किले की ऐतिहासिक पहचान समेटे इस जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है।

जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं—भदोही सदर, ज्ञानपुर और औराई (सुरक्षित)। इन तीनों सीटों पर चुनावी जंग हमेशा से बहुकोणीय और बेहद करीबी अंतर वाली रही है।

2022 के नतीजे: दो सीटों पर NDA तो एक पर सपा का परचम

साल 2022 के विधानसभा चुनाव में भदोही जिले की तीनों सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा था:

  • भदोही सदर (392): इस सीट पर समाजवादी पार्टी के जाहिद बेग ने जीत दर्ज की थी। जाहिद बेग को 1,00,738 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी रवींद्र नाथ त्रिपाठी को 95,853 वोट प्राप्त हुए। जाहिद बेग ने 4,885 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। बसपा के हरिशंकर (दादा चौहान) 40,758 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।

  • ज्ञानपुर (393): भाजपा समर्थित निषाद पार्टी के उम्मीदवार विपुल दुबे ने 73,446 वोट पाकर सपा के राम किशोर बिंद को शिकस्त दी। राम किशोर बिंद को 67,215 वोट मिले। वहीं पूर्व विधायक विजय मिश्रा प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के टिकट पर मैदान में थे और 34,983 वोट हासिल कर तीसरे नंबर पर रहे।

  • औराई (394 – SC): अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर बेहद नजदीकी मुकाबला देखने को मिला था। भाजपा के दीनानाथ भास्कर ने 93,691 वोट पाकर मात्र 1,647 वोटों के मामूली अंतर से सपा की अंजनी (92,044 वोट) को हराया और अपनी सीट बचाई। बसपा के कमला शंकर 28,413 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।

कालीन उद्योग, बुनकर कल्याण और स्थानीय बुनियादी मुद्दे

भदोही के चुनावी रण में स्थानीय आर्थिक मुद्दे हमेशा सबसे ऊपर रहते हैं। यहां चुनावी वैतरणी पार करने के लिए कालीन उद्योग से जुड़ी चुनौतियां, कच्चे माल पर टैक्स में राहत, बुनकरों के लिए सस्ती बिजली और आधुनिक सुविधाएं सबसे अहम कारक बनते हैं।

इसके साथ ही बंद पड़ी स्पिनिंग मिलों को दोबारा शुरू कराना, सीतामढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना, गंगा-वरुणा तटीय इलाकों में कटान नियंत्रण, स्वास्थ्य-शिक्षा का विस्तार और युवाओं का पलायन रोकना यहां के प्रमुख चुनावी मुद्दे रहे हैं।

सामाजिक ताना-बाना और धार्मिक आंकड़े

भदोही की राजनीति में ब्राह्मण, मौर्य, बिंद, यादव, दलित और मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव सबसे ज्यादा माना जाता है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल आबादी 15,78,213 है, जिसमें 8,07,099 (51.14%) पुरुष और 7,71,114 (48.86%) महिलाएं हैं। जिले की कुल साक्षरता दर 68.97% है (पुरुष साक्षरता 81.47% और महिला साक्षरता 56.03%)।

समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और स्थानीय प्रभावशाली चेहरों के बीच भदोही की तीनों सीटों पर मुकाबला हमेशा से कांटे का रहा है, जहां जातीय गोलबंदी के साथ-साथ बुनकर और कारोबारी वर्ग का रुख हार-जीत तय करता है।

श्रेणी  विवरण  संख्या / प्रतिशत 
जनसंख्या कुल जनसंख्या  15,78,213
पुरुष आबादी  8,07,099 (51.14%)
महिला आबादी  7,71,114 (48.86%)
साक्षरता कुल साक्षरता दर 68.97%
पुरुष साक्षरता दर  81.47%
महिला साक्षरता दर  56.03%

भदोही जिले की धार्मिक आबादी

धार्मिक समुदाय (Religious Community) कुल जनसंख्या (Total Population)
हिंदू 13,68,291
मुस्लिम 2,03,887
अन्य 2,783
बौद्ध 1,529
ईसाई 1,363
जैन 194
सिख 166

2022 विधानसभा चुनाव परिणाम

विधानसभा क्षेत्र उम्मीदवार का नाम राजनीतिक पार्टी कुल मिले वोट
भदोही जाहिद बेग SP 1,00,738
रवींद्र नाथ त्रिपाठी BJP 95,853
हरिशंकर (दादा चौहान) BSP 40,758
ज्ञानपुर विपुल दुबे NISHAD 73,446
राम किशोर बिंद SP 67,215
विजय मिश्रा प्रगतिशील मानव समाज पार्टी 34,983
औराई दीनानाथ भास्कर BJP 93,691
अंजनी SP 92,044
कमला शंकर BSP 28,413