‘Barclays Five’ को आतंकवाद संबंधी प्रावधानों के तहत नहीं मिलेगी सजा

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शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

ब्रिटेन: ब्रिटेन की एक अदालत ने Palestine Action से जुड़े पांच कार्यकर्ताओं को आतंकवाद संबंधी प्रावधानों के तहत सजा देने से इनकार कर दिया है। इन पांचों को अगस्त 2024 में लंकाशायर के बर्नले स्थित Barclays Bank की एक शाखा में तोड़फोड़ करने के मामले में जून में दोषी ठहराया गया था। हमले में बैंक की संपत्ति को करीब 2.12 लाख पाउंड यानी लगभग 2.90 लाख डॉलर का नुकसान होने की बात सामने आई थी।

Preston Crown Court में शुक्रवार को जज Robert Altham ने फैसला सुनाया। अदालत के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने फैसले के बाद खुशी जताई और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए।

Barclays शाखा में तोड़फोड़ के मामले में दोषी ठहराए गए थे पांचों

मामले में Brendon O’Hagan (28), Amanda Kelly (31), Hmeera Atiqnisar (31), Mohammed Malik (28) और Alma Yaniv (70) को जून में दोषी ठहराया गया था। पांचों को सामूहिक रूप से ‘Barclays Five’ कहा जा रहा है।

मामला अगस्त 2024 में लंकाशायर के बर्नले में St James’s Street स्थित Barclays शाखा से जुड़ा है। अभियोजन के मामले में बैंक की संपत्ति को हुए नुकसान का आंकड़ा 212,000 पाउंड बताया गया है।

आरोपियों ने अदालत में कहा था कि उनकी कार्रवाई का मकसद Barclays पर दबाव बनाना था, ताकि बैंक इजरायली हथियार निर्माता Elbit Systems को कथित वित्तीय समर्थन देना बंद करे।

आरोपियों ने कहा, ‘हमें आतंकवादी की तरह सजा नहीं दी जानी चाहिए’

फैसले के बाद पांचों कार्यकर्ताओं ने संयुक्त बयान जारी कर राहत जताई। उनके मुताबिक, अदालत ने उन्हें आतंकवादी के तौर पर सजा देने का रास्ता नहीं चुना।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे criminal damage के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे थे और कार्रवाई में Barclays शाखा की कुछ खिड़कियों को नुकसान पहुंचाने तथा इमारत पर लाल रंग छिड़कने की बात शामिल थी। उनका कहना था कि मुकदमे के दौरान उन्हें या जूरी को यह जानकारी नहीं दी गई थी कि दोषी पाए जाने के बाद उन्हें आतंकवाद संबंधी प्रावधानों के तहत सजा दी जा सकती है।

पांचों को अब 4 सितंबर को Preston Crown Court में criminal damage के मामले में सजा सुनाई जानी है।

घटना के समय Palestine Action प्रतिबंधित संगठन नहीं था

मामले में एक अहम कानूनी तथ्य यह है कि जिस समय Barclays शाखा में हमला हुआ था, उस समय Palestine Action को ब्रिटेन में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित नहीं किया गया था

ब्रिटिश सरकार ने जुलाई 2025 में Elbit Systems को निशाना बनाकर किए गए कई direct-action protests के बाद Palestine Action को proscribed organization घोषित किया था। इसके बाद संगठन को ब्रिटेन के आतंकवाद संबंधी कानून के तहत प्रतिबंधित समूहों की सूची में शामिल कर दिया गया।

Palestine Action पर प्रतिबंध को लेकर अदालतों में भी विवाद

Palestine Action पर ब्रिटिश सरकार के प्रतिबंध को लेकर कानूनी विवाद भी चला है। फरवरी में High Court ने प्रतिबंध को disproportionate और unlawful करार दिया था। हालांकि जून में Court of Appeal ने उस फैसले को पलट दिया और प्रतिबंध बरकरार रहा।

इसके बाद Palestine Action के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी चर्चा में रहा है।

अधिकार संगठन Defend our Juries के मुताबिक, जुलाई 2025 में संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद Palestine Action के समर्थन में अभिव्यक्ति या प्रदर्शन करने के आरोप में 3,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। संगठन का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में बड़ी संख्या 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की है।