UP Election 2027: आजमगढ़ की 10 सीटों पर 2022 में सपा का कब्जा, अब क्या बदला?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच पूर्वांचल का आजमगढ़ जिला एक बार फिर राज्य के सबसे अहम सियासी केंद्रों में शुमार हो गया है। जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें आती हैं—अतरौलिया, गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़ सदर, निजामाबाद, फूलपुर-पवई, दीदारगंज, लालगंज और मेहनगर।
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने इन सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी आजमगढ़ सीट से सपा के धर्मेंद्र यादव ने भाजपा के दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को 1,61,035 मतों के बड़े अंतर से मात दी। उन्हें 5,08,239 वोट मिले, जबकि निरहुआ को 3,47,204 वोट हासिल हुए। लालगंज सुरक्षित लोकसभा सीट पर भी सपा के दरोगा प्रसाद सरोज ने जीत दर्ज की। इन नतीजों के बाद 2027 में जिले की 10 सीटों पर विधानसभा-वार वोटिंग ट्रेंड को समझना बेहद अहम हो गया है।
आजमगढ़ सदर और अतरौलिया: कांटे की टक्कर के संकेत
आजमगढ़ सदर विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के दुर्गा प्रसाद यादव ने 1,00,813 वोट पाकर जीत दर्ज की थी। भाजपा के अखिलेश कुमार मिश्रा 84,777 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे और जीत का अंतर 16,036 वोट था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस विधानसभा क्षेत्र में सीधा मुकाबला दिखा, जहां धर्मेंद्र यादव को 1,08,807 और निरहुआ को 84,013 वोट मिले।
अतरौलिया सीट पर 2022 में यादव बनाम निषाद समीकरण के बीच मुकाबला रहा। सपा के डॉ. संग्राम यादव ने 91,502 वोट हासिल कर निषाद पार्टी के प्रशांत सिंह (74,255 वोट) को 17,247 वोटों से हराया था। 2027 में संभावित गठबंधनों और नए प्रत्याशियों के आने पर इस सीट पर वोटों का बिखराव नतीजों पर सीधा असर डालेगा।
गोपालपुर, सगड़ी और मुबारकपुर का चुनावी गणित
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गोपालपुर: 2022 में सपा के नफीस अहमद ने 84,401 वोट लेकर भाजपा के सत्येंद्र राय (60,094 वोट) को 24,307 वोटों से हराया था। 2024 के आम चुनाव में भी गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र सपा के पक्ष में झुका रहा, जहां धर्मेंद्र यादव को 99,606 और निरहुआ को 64,574 वोट मिले।
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सगड़ी: 2022 में सपा के हृदय नारायण सिंह पटेल ने 83,093 वोट हासिल किए और भाजपा की वंदना सिंह (60,578 वोट) को 22,515 वोटों से हराया। 2024 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र से धर्मेंद्र यादव को 88,409 और निरहुआ को 64,812 वोट मिले।
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मुबारकपुर: यह सीट त्रिकोणीय मुकाबले के लिए जानी जाती है। 2022 में सपा के अखिलेश यादव ने 80,726 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा के अरविंद जायसवाल को 51,623 और बसपा के अब्दुस्सलाम को 48,734 वोट मिले थे। सपा ने यह सीट 29,103 वोटों से जीती थी।
निजामाबाद में था सबसे बड़ा अंतर, दीदारगंज में रहा करीबी मुकाबला
निजामाबाद विधानसभा सीट पर 2022 में जिले की सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई थी। सपा के आलमबदी ने 79,835 वोट पाकर भाजपा के मनोज (45,648 वोट) को 34,187 वोटों के भारी अंतर से मात दी थी।
इसके उलट दीदारगंज सीट पर मुकाबला काफी नजदीकी रहा था। सपा के कमलकांत राजभर को 74,342 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा ने 60,781 वोट हासिल किए। यहां जीत का अंतर 13,561 वोट रहा, जो जिले की अन्य सामान्य सीटों के मुकाबले कम था।
फूलपुर-पवई, लालगंज और मेहनगर की स्थिति
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फूलपुर-पवई: 2022 में सपा के रमाकांत यादव ने 81,164 वोट पाकर भाजपा के रामसूरत राजभर (55,858 वोट) को 25,306 वोटों से हराया था। यह सीट लालगंज लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां 2024 में सपा के दरोगा प्रसाद सरोज को 86,743 और भाजपा की नीलम सोनकर को 55,343 वोट मिले थे।
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लालगंज (SC): अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 2022 में सपा के बेचई सरोज ने जीत हासिल की थी। दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की बहुलता वाली इस सीट पर सामाजिक समीकरण जीत की दिशा तय करते हैं।
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मेहनगर (SC): यह भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है, जहां 2022 में सपा की पूजा सरोज विजयी रही थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में मेहनगर विधानसभा क्षेत्र में सपा के धर्मेंद्र यादव को 96,423 और भाजपा के निरहुआ को 74,665 वोट मिले थे।
2022 में सभी 10 सीटों पर सपा की जीत और 2024 के लोकसभा नतीजों ने जिले में पार्टी के मजबूत आधार को दर्शाया है। आगामी 2027 के चुनाव में स्थानीय प्रत्याशियों की स्वीकार्यता, जातीय समीकरण, रोजगार, किसानी और कानून-व्यवस्था जैसे जमीनी मुद्दे हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग असर डाल सकते हैं।
