मुज्तबा खामेनेई का बड़ा संदेश, ‘लेनदेन से डॉलर बाहर करो’
Ayatollah Mojtaba Khamenei

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिकी-इजरायली नाकेबंदी और आक्रामकता के बीच लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की सरकार की जमकर तारीफ की है। ‘गवर्नमेंट वीक’ के मौके पर दिए गए अपने संदेश में उन्होंने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय लेनदेन से अमेरिकी डॉलर को पूरी तरह खत्म करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
शहीदों को नमन और सरकार की सराहना
शुक्रवार को दिए गए अपने संदेश में खामेनेई ने शहीद राष्ट्रपति मोहम्मद अली रजाई, इब्राहिम रईसी, प्रधानमंत्री मोहम्मद जवाद बाहोनर और सबसे बढ़कर महान शहीद नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की विरासत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सर्वोच्च नेता ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान और उनकी सरकार के ईमानदार प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “अमेरिकी-जायोनी दुश्मन” की साजिशों, कड़े प्रतिबंधों और नाकेबंदी के बावजूद सरकार ने लोगों तक जरूरी सामान और सेवाएं पहुंचाने, बुनियादी ढांचे को सुधारने और ऊर्जा प्रबंधन में बेहतरीन काम किया है।
आर्थिक चुनौतियां और डॉलर को हटाने पर जोर
मुज्तबा खामेनेई ने पिछले छह महीनों में ईरानी लोगों के धैर्य और लचीलेपन की सराहना की। उन्होंने बढ़ती महंगाई जैसी आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण रेखांकित किया:
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घरेलू उत्पादन को बढ़ावा: आर्थिक समस्याओं को हल करने की कुंजी घरेलू क्षमताओं और उत्पादन पर अधिकतम निर्भरता में निहित है।
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डी-डॉलराइजेशन (De-dollarization): उन्होंने लेनदेन में अमेरिकी डॉलर की महत्वपूर्ण भूमिका को धीरे-धीरे खत्म करने का आह्वान किया।
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प्रतिरोध अर्थव्यवस्था (Resistance Economy): खामेनेई ने ‘प्रतिरोध अर्थव्यवस्था’ की नीतियों को राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में रखने का आग्रह किया।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य उद्देश्यों में विफल रहने के बाद ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ (Operation Economic Outcast) नाम से एक नया अभियान शुरू किया है।
नवाचार, एकता और सामाजिक एकजुटता
अयातुल्लाह खामेनेई ने जोर देकर कहा कि “कट्टर दुश्मन” (अमेरिका) का अनुसरण करना या उसकी अनुचित मांगों को मानना प्रगति का रास्ता नहीं है। इसके बजाय, उन्होंने देश के युवा विशेषज्ञों (Elites) द्वारा पेश की गई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की वकालत की।
इसके साथ ही, उन्होंने देश में आंतरिक विभाजन के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखना मौलिक है।” उन्होंने ऐसी किसी भी बयानबाजी या बहस (जैसे युद्ध बनाम बातचीत) पर रोक लगाने को कहा, जिससे राष्ट्रीय मनोबल कमजोर होता हो। अंत में, उन्होंने एक मजबूत ईरान के निर्माण में संस्कृति, शिक्षा, शिक्षकों और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
