क्या जाएगी अनंत सिंह की विधायकी? प्रेम कुमार के नए बयान से बढ़ा सस्पेंस

मोकामा के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पार्टी से निष्कासन और सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद अब उनकी विधानसभा सदस्यता (विधायकी) पर भी खतरा मंडरा रहा है। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार (30 अक्टूबर, 2026) को इस मामले में अहम जानकारी दी। स्पीकर के बयान से स्पष्ट है कि अनंत सिंह की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द नहीं होगी, बल्कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है।
जेडीयू ने सौंपे हैं पुख्ता प्रमाण
प्रेम कुमार ने बताया कि अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने के लिए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की तरफ से आवेदन दिया गया था। इस आवेदन में आरोप है कि विधायक ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया है। उन पर अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी को हराने के लिए खुलेआम दूसरी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने का आरोप है।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जेडीयू की ओर से इस मामले में पुख्ता साक्ष्य सौंपे गए हैं। पार्टी ने आरोपों के समर्थन में अखबारों की कटिंग और कई अन्य तरह के प्रमाण विधानसभा को दिए हैं।
विधायक को भेजा गया नोटिस
सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि किसी भी फैसले से पहले दोनों पक्षों की राय जानना जरूरी है। इसी प्रक्रिया के तहत विधानसभा की ओर से अनंत सिंह को नोटिस भिजवाया गया है।
जवाब के लिए दी गई समय-सीमा के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधायक को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। उनके जवाब और जेडीयू द्वारा दिए गए प्रमाणों का आकलन करने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि वह निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं देते हैं, तो उसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
दुलारचंद हत्याकांड मामले पर प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में प्रेम कुमार ने अनंत सिंह से जुड़े दुलारचंद हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें आज ही जानकारी मिली है कि इस मामले में विधायक की जमानत याचिका रद्द हो गई है। उन्होंने इस पर ज्यादा कुछ कहने से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से न्यायालय का मामला है। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट जो भी फैसला देता है, उस पर हम लोग कुछ नहीं कह सकते।

