आनंदीबेन ने गर्लफ्रेंड, प्रेम संबंधों और शादी को लेकर युवाओं को क्या सलाह दी

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने युवाओं को रिश्तों, करियर और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर अहम नसीहत दी है। लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्लफ्रेंड बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अगर शादी का वादा किया है तो उसे निभाना भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पहले अपने पैरों पर खड़े हों, ताकि परिवार की जिम्मेदारी ठीक से उठा सकें।

नाबालिग लड़कियों को मां बनाकर छोड़ने पर जताई चिंता

राज्यपाल ने अपने संबोधन में समाज की एक बेहद संवेदनशील समस्या पर खुलकर बात की। उन्होंने 13-14 साल की उम्र में लड़कियों को मां बनाकर छोड़ देने की प्रवृत्ति पर कड़े सवाल उठाए और इसे पूरी तरह गलत ठहराया। उनका कहना था कि युवाओं को अपने हर फैसले के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और समाज में हो रही ऐसी गलत गतिविधियों को रोकने के लिए खुद आगे आना चाहिए।

अच्छे विचारों से समाज को साफ रखने की अपील

छात्रों को नैतिक आचरण का पाठ पढ़ाते हुए राज्यपाल ने कहा कि युवा खुद गलत कामों से दूर रहें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें। उन्होंने अच्छे विचारों की अहमियत समझाने के लिए पानी का उदाहरण दिया। पटेल ने कहा कि अगर पानी में लगातार गंदगी डाली जाएगी तो वह दूषित हो जाएगा, लेकिन उसे साफ रखने का प्रयास किया जाए तो वह शुद्ध बना रहेगा। ठीक इसी तरह समाज में अच्छे विचारों और सही ज्ञान को बढ़ावा देना आवश्यक है।

गरीब बच्चों के लिए सिर्फ आर्थिक मदद काफी नहीं

विकसित भारत के निर्माण के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उनका मानना है कि गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक सहायता देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्हें शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण (कौशल विकास) के अवसर भी उपलब्ध कराने होंगे, जिससे वे भविष्य में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकें।

AI और डेटा से नए अवसर तलाशने का सुझाव

तकनीक के दौर में युवाओं की भूमिका पर बात करते हुए राज्यपाल ने उनसे डेटा जुटाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि इन आधुनिक तकनीकों के जरिए करियर और विकास के नए अवसर तलाशे जा सकते हैं। युवाओं को अपनी पढ़ाई और ज्ञान का इस्तेमाल देश को आत्मनिर्भर बनाने तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में करना चाहिए।