‘सपा के पुराने कार्यकर्ताओं को क्या मिला?’ अमरपाल ने अखिलेश यादव को घेरा

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष अमरपाल मौर्य ने समाजवादी पार्टी (SP) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर करारा राजनीतिक प्रहार किया है।

अमरपाल मौर्य ने सपा पर ‘परिवारवाद’ का गंभीर आरोप लगाते हुए ऐलान किया है कि वे इस संबंध में अखिलेश यादव को एक खुला पत्र लिखकर जवाब मांगेंगे। उन्होंने बताया कि यह पत्र अखिलेश यादव के दिल्ली और लखनऊ स्थित दोनों पतों पर भेजा जाएगा।

‘सपा 10 वर्षों से दिग्भ्रमित, विपक्ष की भूमिका में भी फेल’

बीजेपी सांसद ने दावा किया कि पिछले एक दशक में समाजवादी पार्टी पूरी तरह से दिग्भ्रमित हो गई है और एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने में भी विफल रही है।

उन्होंने कहा, “सपा हमेशा सामाजिक न्याय और भागीदारी की बात करती है, लेकिन पार्टी के लिए दशकों तक संघर्ष करने वाले, पोस्टर लगाने वाले, लाठियां खाने वाले और जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं के परिवारों को राजनीतिक विरासत में क्या मिला?”

परिवारवाद पर दागे तीखे सवाल

अमरपाल मौर्य ने सीधा सवाल उठाया कि लोकतंत्र में राजनीति करने का अधिकार सबको है, लेकिन सपा में हर बार अवसर सिर्फ एक ही परिवार को क्यों दिए जाते हैं?

उन्होंने कहा कि यह सवाल उन लोगों के मन में भी है, जिनके नाम पर समाजवादी पार्टी राजनीति करती है और वोट मांगती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद, विधायक, विधान परिषद, राज्यसभा और स्थानीय निकायों के अहम पदों पर हमेशा समाज या आम कार्यकर्ता के बजाय परिवार के लोगों को ही प्राथमिकता दी गई।

मुलायम परिवार के राजनीतिक पदों का दिया हवाला

अपने पत्र की रूपरेखा बताते हुए मौर्य ने कहा कि वे मुलायम सिंह यादव के परिवार के सदस्यों के राजनीतिक सफर और उनके द्वारा संभाले गए विभिन्न पदों का जिक्र करेंगे। इनमें मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल सिंह यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप यादव और अक्षय यादव शामिल हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया, “सवाल यह नहीं है कि परिवार के सदस्य राजनीति में क्यों आए। सवाल यह है कि पार्टी में राजनीतिक अवसरों का सबसे ज्यादा लाभ किसे मिला? क्या समाजवादी पार्टी में लाखों कार्यकर्ताओं की भीड़ में कोई भी ऐसा नेता नहीं था, जिसे नेतृत्व का अवसर दिया जा सकता था?”

‘अखिलेश केवल सोशल मीडिया के नेता’

अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अमरपाल मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख की राजनीति केवल ट्विटर और फेसबुक तक ही सीमित है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “विरासत में मिली सत्ता से सामाजिक न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। समाजवादी पार्टी को सिर्फ सामाजिक न्याय की बातें करने के बजाय अपने संगठन में आम कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी चाहिए।”

ओबीसी मोर्चा की बैठक में बनी रणनीति

यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीजेपी के ओबीसी मोर्चा ने आगामी चुनावों को लेकर एक अहम बैठक की है। इस बैठक में चुनावों के मद्देनजर मोर्चे की भूमिका, राजनीतिक गतिविधियों और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई। अमरपाल मौर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता और सपा के आम कार्यकर्ता भी अखिलेश यादव से इन सभी सवालों का जवाब जानना चाहते हैं।