चोट से वापसी और दो ग्रैंड स्लैम खिताब, ज्वेरेव के नाम होगी नंबर 1 की कुर्सी

Alexander Zverev
अजमल शाह
अजमल शाह

एक दशक से ज्यादा समय तक निराशा, विवादों और गंभीर चोटों से जूझने के बाद आखिरकार जर्मन टेनिस स्टार अलेक्जेंडर ज्वेरेव (Alexander Zverev) के लिए वह ऐतिहासिक पल आ ही गया। ज्वेरेव अपने करियर में पहली बार दुनिया के नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी (World No. 1) बनने जा रहे हैं। सोमवार को जब एटीपी (ATP) रैंकिंग अपडेट होगी, तो उनके नाम के आगे ‘नंबर 1’ लिखा होगा।

29 वर्षीय जर्मन खिलाड़ी ने इसी साल अपने करियर के पहले दो ग्रैंड स्लैम (Grand Slam) खिताब जीते हैं। पिछले साल के एटीपी फाइनल्स विजेता जैनिक सिनर (Jannik Sinner) के चोट के कारण सीजन से जल्दी बाहर होने के बाद ज्वेरेव का साल का अंत नंबर 1 के तौर पर करना लगभग तय हो गया था।

वियना ओपन में पक्की की जगह

ज्वेरेव ने गुरुवार को वियना ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर जरूरी प्वाइंट्स हासिल कर लिए। उन्होंने डच खिलाड़ी टैलन ग्रिक्सपूर को हराकर अपनी नंबर 1 रैंकिंग सुनिश्चित की।

इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए ज्वेरेव ने कहा, “यह बहुत खास है। दुनिया के शीर्ष पर होने का अहसास अद्भुत है। यह कोई टूर्नामेंट या खिताब जीतने से अलग है, लेकिन यह जानना कि नई रैंकिंग आने पर आपके नाम के आगे नंबर 1 होगा, एक बेहद खास अहसास है।”

इतिहास में ऐसा करने वाले 30वें खिलाड़ी

1973 में पहली बार रैंकिंग प्रकाशित होने के बाद से नंबर 1 का ताज पहनने वाले ज्वेरेव दुनिया के 30वें खिलाड़ी बन गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस मुकाम पर पहुंचने वाले वह दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। उनसे पहले केवल जॉन न्यूकॉम्ब (John Newcombe) थे, जो 1974 में 30 साल की उम्र में पहली बार शीर्ष पर पहुंचे थे।

संघर्षों से भरा रहा है सफर

हैम्बर्ग में जन्मे ज्वेरेव का सफर आसान नहीं रहा है। वह डायबिटीज (मधुमेह) के साथ खेलते हैं और 2022 के फ्रेंच ओपन में राफेल नडाल के खिलाफ खेलते हुए उनके टखने में करियर खत्म कर देने वाली गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करवानी पड़ी थी। इसके अलावा उन पर दो पूर्व पार्टनर्स द्वारा घरेलू हिंसा के आरोप भी लगे थे, जिसका मामला 2024 में आपसी समझौते के बाद सुलझ गया।

‘बुरे वक्त में उलझना सबसे बड़ी गलती’

अपने उतार-चढ़ाव वाले करियर पर ज्वेरेव का कहना है, “एक पेशेवर एथलीट के जीवन में सबसे ऊंचे शिखर और सबसे गहरे गर्त दोनों आते हैं। बुरे वक्त में उलझ जाना सबसे बड़ी गलती है। जब समय कठिन हो तो हर चीज का मूल्यांकन करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि जब आप ऊंचाई पर हों तो बेहतर होने के तरीके खोजने चाहिए।”

टोक्यो ओलंपिक 2021 में गोल्ड मेडल जीतने वाले ज्वेरेव ने कभी भी खुद पर से विश्वास नहीं खोया और अब वह टेनिस जगत के शिखर पर विराजमान होने जा रहे हैं।