मोतियाबिंद-अंधेपन के खिलाफ यूगांडा की पहल, इलाज पर भारी निवेश

यूगांडा सरकार ने देश में आंखों की देखभाल (Eye Care) को लेकर एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। सरकार ने 2031 तक 50 लाख से अधिक नागरिकों तक आंखों के इलाज की सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस पहल के लिए 5 मिलियन डॉलर (करीब 42 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य रोके जा सकने वाले अंधेपन को कम करना और दूरदराज के समुदायों तक इलाज की पहुंच सुनिश्चित करना है।
इस प्रतिबद्धता का ऐलान हाल ही में आयोजित ‘ग्लोबल समिट फॉर आई हेल्थ’ (Global Summit for Eye Health) में किया गया। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी एंटीगुआ और बारबुडा ने की, जबकि बांग्लादेश, गुयाना, आयरलैंड और नाइजीरिया इसके सह-मेजबान थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसमें तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में सरकारों, विकास संगठनों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के भागीदारों ने हिस्सा लिया।
आंखों के इलाज में निवेश से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था
IAPB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर हॉलैंड ने यूगांडा सरकार के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूगांडा की यह प्रतिबद्धता दर्शाती है कि आंखों के स्वास्थ्य में किया गया निवेश केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके व्यापक लाभ हैं।
शिखर सम्मेलन में पेश किए गए ‘वैल्यू ऑफ विजन’ विश्लेषण के अनुसार, 2026 और 2030 के बीच आंखों की देखभाल पर 5.74 मिलियन डॉलर के निवेश से लगभग 48.2 मिलियन डॉलर का आर्थिक लाभ हो सकता है। यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र में निवेश किए गए हर एक डॉलर पर 8.40 डॉलर का रिटर्न मिलने का अनुमान है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक आंखों की देखभाल तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होने से उत्पादकता (Productivity) में 44 मिलियन डॉलर से ज्यादा का इजाफा हो सकता है। इसके अलावा, दृष्टि दोष से जुड़े डिप्रेशन के 141 मामलों और 19 सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। साथ ही, सीखने की क्षमता (learning years) में 873 अतिरिक्त वर्षों की वृद्धि होने का अनुमान है।
यूगांडा के प्लान के तीन प्रमुख लक्ष्य
यूगांडा ने 2031 तक अपनी आई-केयर योजना को लागू करने के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
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सेवाओं का विस्तार: देश के 72% सामान्य अस्पतालों और ‘हेल्थ सेंटर-4’ सुविधाओं में आवश्यक आई-केयर सेवाओं को शामिल करना। इससे दूरदराज के मरीजों को लंबी यात्रा किए बिना इलाज मिल सकेगा।
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मोतियाबिंद सर्जरी में वृद्धि: मोतियाबिंद (Cataracts) के कारण होने वाले दृष्टिदोष को दूर करने के लिए राष्ट्रीय मोतियाबिंद सर्जिकल दर को वर्तमान 250 से बढ़ाकर 800 ऑपरेशन प्रति 10 लाख आबादी तक ले जाना। इसके साथ ही, प्रभावी मोतियाबिंद सर्जिकल कवरेज में 30% की वृद्धि का लक्ष्य है।
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सस्ते चश्मे की व्यवस्था: ‘रिफ्रैक्टिव एरर’ (Refractive Error) कवरेज को 40% तक बढ़ाना और सस्ते व गुणवत्तापूर्ण चश्मे उपलब्ध कराने के लिए एक स्थायी राष्ट्रीय प्रणाली स्थापित करना।
समुदायों और हाशिए पर रहने वालों पर विशेष ध्यान
पीटर हॉलैंड ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत यूगांडा के नेत्र-स्वास्थ्य कार्यबल (workforce) को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, सामुदायिक और स्कूली स्तर पर आंखों की जांच का विस्तार होगा।
हॉलैंड ने कहा, “उन समुदायों पर विशेष जोर दिया जाएगा जो इलाज से वंचित रह जाते हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, विकलांग व्यक्ति, शरणार्थी और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आंखों की देखभाल उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।”
योजना के तहत टेली-ऑप्थल्मोलॉजी (Tele-ophthalmology) में भी निवेश किया जाएगा, जिससे डिजिटल तकनीक के जरिए दूर से ही आंखों की जांच और विशेषज्ञ परामर्श दिया जा सकेगा।
VisionSpring का 750,000 लोगों को चश्मा पहनाने का लक्ष्य
सरकार के प्रयासों के समानांतर, ‘विजनस्प्रिंग यूगांडा’ (VisionSpring Uganda) भी स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर वंचित समुदायों को सस्ते चश्मे उपलब्ध कराने का काम कर रहा है। विजनस्प्रिंग यूगांडा के कंट्री लीड जूलियस मुजुनी ने कहा, “चश्मा कोई विलासिता (luxury) की वस्तु नहीं है, बल्कि यह आजीविका, स्वतंत्रता और भलाई को सुधारने का एक शक्तिशाली उपकरण है।”
मुजुनी ने बताया कि उनकी संस्था कृषि श्रमिकों और कारीगरों तक अपनी सेवाएं बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, “2030 तक यूगांडा में 750,000 अतिरिक्त लोगों की दृष्टि सुधारने की हमारी प्रतिबद्धता, विजनस्प्रिंग के विश्व स्तर पर 20 मिलियन लोगों तक पहुंचने के लक्ष्य का हिस्सा है।”

