‘तीसरा हमला हुआ तो ऐसे हथियार निकालेंगे कि दुनिया हैरान रह जाएगी’, ईरान

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान के खिलाफ बिना उकसावे के ‘तीसरे दौर’ का हमला किया गया, तो IRGC युद्ध के मैदान में अपने ऐसे ‘सरप्राइज’ (चौंकाने वाले) हथियारों को उतारेगा, जिन्हें देखकर पूरी दुनिया हैरान रह जाएगी।
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स (Aerospace Force) की उपलब्धियों का बखान करते हुए मोहेब्बी ने यह बयान दिया। उन्होंने एयरोस्पेस फोर्स की 14 बड़ी उपलब्धियों का जिक्र किया, जिनमें स्वदेशी एयरोस्पेस तकनीक, हथियारों का निर्यात और सैन्य आत्मनिर्भरता शामिल हैं।
‘दुनिया को हैरान करने वाले सीक्रेट हथियार’
ब्रिगेडियर जनरल मोहेब्बी ने कहा कि फोर्स के पास युद्ध का रुख पलटने वाले ‘गेम-चेंजिंग सरप्राइज’ मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर और हालात की मांग के अनुसार इन गुप्त क्षमताओं से पर्दा उठाया जा सकता है।
हथियार खरीदने वाला ईरान अब बना निर्यातक
आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अब सैन्य उपकरणों का आयात करने वाले देश से निर्यातक बन चुका है। उन्होंने ‘शाहेद-136’ (Shahed-136) वन-वे अटैक ड्रोन का उदाहरण देते हुए दावा किया कि आज अमेरिका सहित दुनिया के ज्यादातर देशों ने इस ड्रोन की नकल की है और इसे अलग-अलग नामों से बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ईरान अब एंटी-बैलिस्टिक ‘अरमान’ मिसाइल सिस्टम, ‘थर्ड खोरदाद’ एयर डिफेंस सिस्टम और ‘UAV 357’ जैसे उपकरणों का निर्यात कर रहा है। मोहेब्बी ने कहा, “अब हमें हथियारों, विदेशी सैन्य सलाहकारों या कलपुर्जों (Spare parts) के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।”
जमीन के नीचे बसाई ‘मिसाइल प्रोडक्शन सिटी’
सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक अंडरग्राउंड (भूमिगत) मिसाइल और ड्रोन उत्पादन सुविधाओं का विकास है। मोहेब्बी ने बताया कि IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने केवल मिसाइलों को स्टोर करने के लिए ‘मिसाइल सिटी’ ही नहीं बनाई है, बल्कि ‘मिसाइल प्रोडक्शन सिटी’ भी स्थापित की है। इन भूमिगत कारखानों की वजह से दुश्मन की भारी बमबारी के बीच भी मिसाइलों का निर्माण कार्य बिना रुके जारी रह सकता है।
260 से ज्यादा विमानों को उलझाया, ड्रोन किए जब्त
हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों का जिक्र करते हुए मोहेब्बी ने अपनी फोर्स की युद्ध क्षमता के दावे किए। उन्होंने कहा कि नवीनतम हमलों के दौरान एयरोस्पेस फोर्स ने दुश्मन के 260 से अधिक विमानों का सफलतापूर्वक सामना किया और उनमें से ज्यादातर को मार गिराया। इसके अलावा, पिछले एक-दो हफ्तों में 6 दुश्मन MQM-170 टोही ड्रोनों को सही-सलामत (intact) पकड़ने का भी दावा किया गया है।
अपनी प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) पर जोर देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के जवाबी हमलों ने दुश्मनों को ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के लिए मजबूर कर दिया है, क्योंकि दुश्मन जान गए हैं कि उनके एक हमले के बदले ईरान कई गुना बड़ा पलटवार करेगा। अंत में उन्होंने इन सभी सफलताओं का श्रेय अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के मार्गदर्शन को दिया।

