‘रामलला के दरबार में जलें दीप, घर भी करें रोशन’, CM योगी की सबसे अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश और देशवासियों को प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। धर्मनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 10वें दीपोत्सव (Deepotsav) के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से एक विशेष अपील करते हुए कहा कि जिस समय श्रीराम जन्मभूमि पर दीप प्रज्ज्वलित हों, तब सभी लोग अपने घर-आंगन में भी दीप जलाकर इस महापर्व का हिस्सा बनें।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर श्लोक “राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने।।” साझा करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
‘दिव्य दीपोत्सव के लिए पूर्ण रूप से सज्जित है अवधपुरी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पावन सरयू मां की गोद में बसी धर्मनगरी श्री अयोध्या धाम अलौकिक उल्लास, गौरव और भक्ति के ‘दिव्य दीपोत्सव’ के लिए पूरी तरह से सज चुकी है। उन्होंने कहा, “वर्षों की प्रतीक्षा और करोड़ों सनातनी आस्थाओं का यह प्रतिफल पुनः लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा बनकर अंधकार पर प्रकाश, सत्य और धर्म की शाश्वत विजय का उद्घोष करने जा रहा है। अवधपुरी का कण-कण आज आह्लादित और स्पंदित है।”
विशिष्ट अतिथियों और रामभक्तों का किया स्वागत
इस भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाने के लिए अयोध्या पधार रहे उपराष्ट्रपति, विभिन्न मित्र देशों के राजदूतों, राजनयिकों, देश-विदेश के विशिष्ट अतिथियों और पूज्य साधु-संतों का सीएम योगी ने श्रीराम की जन्मभूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
उन्होंने कहा कि समता, समरसता, सांस्कृतिक एकात्मता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के इस पावन पर्व में आप सभी की उपस्थिति दीपोत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बनाएगी।
‘दीपक केवल मिट्टी का पात्र नहीं, चेतना का जागरण है’
दीपक के महत्व को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपक केवल मिट्टी का पात्र नहीं, बल्कि चेतना का जागरण है। “यह युगों से हमें सीख दे रहा है कि अंधकार से लड़ना नहीं होता, केवल एक ज्योति जलानी होती है और अंधकार विदा हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव हमारी आस्था, आत्मगौरव और सनातन चेतना के पुनर्जागरण का महापर्व है। यह श्री अयोध्या धाम के त्रेतायुगीन वैभव का साक्षात दर्शन कराता है।
2017 के संकल्प ने जगाई सांस्कृतिक गौरव की लौ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में शुरू हुए दीपोत्सव के सफर को याद करते हुए लिखा, “सरयू तट पर प्रज्ज्वलित संकल्प की एक लौ ने आज भारत के सांस्कृतिक गौरव को वैश्विक पटल पर नई पहचान दी है। यह दशक केवल दीपों की जगमगाहट और विश्व कीर्तिमानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण और राष्ट्र के आत्मगौरव की पुनर्स्थापना का स्वर्णिम अध्याय बना है।”
उन्होंने कहा कि राम की पैड़ी पर प्रज्ज्वलित लाखों दीपों ने आस्था, अंत्योदय और स्थानीय स्वावलंबन की नई ज्योति जलाई है।
सीएम का आह्वान: अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे रामराज्य का प्रकाश
दीपोत्सव के 10वें संस्करण पर मुख्यमंत्री ने सभी से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसे रामराज्य की स्थापना करनी है, जहां विकास का प्रकाश समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन तक पहुंचे और आस्था, समरसता एवं सेवा की यह सनातन ज्योति युगों-युगों तक आलोकित होती रहे।”

