बीजेपी से सीटों पर सहमति नहीं बनी तो यूपी में अलग राह पकड़ सकती है LJP

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की अहम सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी यूपी के चुनावी मैदान में उतरने के साफ संकेत दे दिए हैं। एलजेपी (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 5 नवंबर को वाराणसी में एक बड़ी ‘संकल्प सभा’ का आयोजन किया, जिसे राज्य में पार्टी की चुनावी ताकत और जनाधार परखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
गठबंधन नहीं हुआ तो अकेले लड़ेंगे चुनाव
अपनी पार्टी का दायरा बिहार से बाहर बढ़ाकर उत्तर प्रदेश में स्थापित करने की कोशिश में जुटे चिराग पासवान ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी चुनावी मंशा स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी या एनडीए के साथ गठबंधन पर अभी तक कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। लेकिन उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि, “अगर गठबंधन नहीं हो पाया, तो संभवतः हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी।”
अखिलेश यादव पर चिराग पासवान का कड़ा प्रहार
वाराणसी दौरे के दौरान चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस हालिया बयान पर जमकर निशाना साधा, जिसमें अखिलेश ने विधानसभा चुनाव न लड़कर सीधे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की बात कही थी।
चिराग ने तंज कसते हुए कहा, “यह उनका हार का डर है और अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर चिंता है। लोकसभा चुनाव में इन लोगों ने झूठ बोलकर, संविधान और आरक्षण पर खतरा बताकर वोट हासिल कर लिए थे। लेकिन अब इन्हें डर सता रहा है कि जैसा महाराष्ट्र में हुआ—जहां लोकसभा में जनता ने विपक्ष का साथ दिया लेकिन विधानसभा में पुनः एनडीए को भारी मतों से जिताया—वैसा ही यूपी में भी होगा।”
अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए चिराग ने आगे कहा कि उन्हें डर है कि विधानसभा चुनाव में जनता उनका साथ नहीं देगी। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा, “आपको उस सेनापति की भूमिका निभानी चाहिए जो रणक्षेत्र में सबसे आगे बढ़कर अपने सैनिकों का नेतृत्व और मार्गदर्शन करता है, न कि उस सेनापति की जो महल में बैठकर अपने सैनिकों को लड़ता हुआ देखे।”
वाराणसी की संकल्प सभा में उमड़ी भारी भीड़
चिराग पासवान की इस संकल्प सभा में हजारों की संख्या में समर्थकों और आम लोगों की भीड़ उमड़ी थी। उनके मंच पर आते ही लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। चिराग ने एक अलग ही अंदाज में माइक संभालते हुए जनता को संबोधित किया। उनके इस आक्रामक रुख और वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन ने यूपी की सियासत में एक नई हलचल पैदा कर दी है।

