डेमोक्रेट्स की जीत से AI कंपनियों में बेचैनी, दुनिया भर के बाजार लाल
BSE sensex, (Infographics : Pinaki Paul)

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत के बाद ग्लोबल शेयर बाजारों में भूचाल आ गया है। वॉल स्ट्रीट के बाद शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों में हड़कंप मच गया है। निवेशकों को यह चिंता सता रही है कि राजनीतिक बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर नई राजनीतिक बाधाओं से टेक्नोलॉजी सेक्टर पर बुरा असर पड़ सकता है।
वॉल स्ट्रीट पर सबसे बड़ा झटका
अमेरिका में गुरुवार को शेयर बाजार में अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक (Nasdaq) 5.5 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ लुढ़क गया, जबकि एसएंडपी 500 (S&P 500) में 4 प्रतिशत से अधिक और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स भी अप्रैल 2025 के बाद के अपने सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है, जिसमें करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बाजार गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत को जिम्मेदार ठहराया है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार, सियोल और टोक्यो बेहाल
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही भारी बिकवाली शुरू हो गई। सियोल और टोक्यो के बाजारों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा:
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi): कारोबार के दौरान एक समय यह करीब 9 प्रतिशत तक टूट गया। दिग्गज चिपमेकर SK hynix में 10 प्रतिशत और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
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जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225): सूचकांक 6 प्रतिशत लुढ़ककर 57,400.92 पर बंद हुआ। कियोक्सिया और सॉफ्टबैंक के शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
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ताइवान और अन्य बाजार: ताइवान में TSMC के शेयरों में 7 प्रतिशत की गिरावट के चलते ताइवान इंडेक्स करीब 8 प्रतिशत नीचे आ गया। इसके अलावा हांगकांग, शंघाई, सिडनी और सिंगापुर के बाजार भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
डेमोक्रेट्स की जीत और AI सेक्टर को लेकर चिंताएं
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत को शुरुआत में ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने के दबाव के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, निवेशकों का ध्यान जल्द ही AI निवेश पर पड़ने वाले असर की ओर शिफ्ट हो गया।
डेटा सेंटर परियोजनाओं को राजनीतिक स्पेक्ट्रम के मतदाताओं से कड़ा विरोध मिल रहा है, और कई चुनाव विजेताओं ने इनके विस्तार पर अंकुश लगाने का वादा किया है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स द्वारा नए डेटा सेंटर निर्माण पर राष्ट्रीय रोक लगाने की मांग ने निवेशकों की चिंता को और बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक विरोध बढ़ने से टेक कंपनियों द्वारा AI में किए गए अरबों डॉलर के निवेश के रिटर्न पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ा तनाव
बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। निवेशक उम्मीद कर रहे थे कि चुनाव परिणामों के बाद ईरान संघर्ष थमेगा, लेकिन लगातार बनी अनिश्चितता के कारण बाजार सतर्क बना हुआ है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 90.96 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 0.7 प्रतिशत बढ़कर 99.02 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार की निगाहें अब शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी जॉब्स डेटा पर टिकी हुई हैं।

