ट्रंप की ईरान को हमले की चेतावनी, खमेनेई बोले- जवाब होगा बिना सीमा के

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Jyoti Atmaram Ghag
Jyoti Atmaram Ghag

अमेरिका और इजरायल द्वारा फरवरी में शुरू किए गए युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक नष्ट कर दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि एक या दो टारगेट अभी भी बाकी हैं, जिनमें ‘पिकैक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) का संदिग्ध परमाणु स्थल भी शामिल है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने किसी भी नए हमले का तुरंत और बिना भौगोलिक सीमा के जवाब देने की सख्त चेतावनी जारी की है।

पिकैक्स माउंटेन निशाने पर, ट्रंप का ’10 मिनट’ वाला दावा

फ्लोरिडा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को कोई आक्रामक कदम उठाने की जल्दी नहीं है क्योंकि उसने ईरान के सैन्य और परमाणु कार्यक्रम को पहले ही तबाह कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमने उनके परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर दिया है। हमें अभी भी एक या दो साइट्स को देखना है, लेकिन हम उसे 10 मिनट में तबाह कर सकते हैं।”

उन्होंने सीधे तौर पर संदिग्ध भूमिगत परमाणु परिसर ‘पिकैक्स माउंटेन’ का जिक्र करते हुए कहा कि इसे बहुत जल्दी निपटाया जा सकता है। दूसरी ओर, ईरानी सरकार ने वहां किसी भी तरह के परमाणु कार्य होने से साफ इनकार किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप ने नए हमलों पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है और अमेरिका कूटनीतिक समाधान के लिए खुला है।

सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का पलटवार

अमेरिका और इजरायल के महत्वपूर्ण चुनावों के बाद हमलों की आशंका के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने शीर्ष सैन्य कमांडरों को नए निर्देश दिए हैं। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, खामेनेई ने कहा, “किसी भी स्तर या प्रकार के खतरे का तत्काल, प्रभावशाली और भौगोलिक रूप से अप्रतिबंधित जवाब दिया जाना चाहिए।”

उन्होंने कमांडरों को ईरान की टारगेट लिस्ट अपडेट करने को कहा है, जिसमें “अमेरिकी-जियोनिस्ट दुश्मन की सभी प्रकार की मूर्त और अमूर्त संपत्तियों” को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। अमेरिकी-इजरायली हमले में पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद मार्च में सत्ता संभालने वाले मोजतबा खामेनेई की सैन्य अधिकारियों के साथ यह पहली ज्ञात बैठक थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी और तेल संकट

युद्ध की शुरुआत के बाद से तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले शिपिंग को प्रतिबंधित कर दिया है, जहां से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। शनिवार को ईरानी स्टेट टेलीविजन ने बताया कि जलडमरूमध्य से गुजर रहा एक जहाज खदान (माइन) की चपेट में आकर आग का शिकार हो गया।

इससे पहले शुक्रवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा था कि अज्ञात ‘घटनाओं’ या खदानों की चपेट में आने के बाद तीन तेल टैंकरों को रोका गया है। इस नाकाबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आया है, जो आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले अमेरिकी जनता के बीच इस युद्ध को अलोकप्रिय बना रहा है। इजरायल में भी हुए चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खेमे को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, लेकिन वे बहुमत से दूर हैं।

जेडी वेंस का पत्र और कूटनीतिक हलचल

लड़ाई को फिर से शुरू होने से रोकने के लिए कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में नई कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। शुक्रवार को कतरी मध्यस्थ तेहरान पहुंचे। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसिन रेजई को एक पत्र भेजा है। ईरानी टेलीविजन पर रेजई ने कहा, “मैंने पत्र पढ़ा है, अभी जवाब नहीं दिया है। उनका सुर पूरी तरह बदल गया है।”

हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी बैठक की योजना नहीं है और ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं। रेजई ने भी इस बात पर जोर दिया कि जब तक फ्रीज की गई संपत्तियों की रिहाई सहित उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं, ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जारी रखेगा। ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया ने चेतावनी दी है कि दुश्मनी फिर से शुरू होने पर युद्ध का दायरा काफी बढ़ जाएगा। इसके साथ ही अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सीधे तौर पर लिखा कि अब कोई “रेड लाइन” नहीं होगी।