अब कीमत चुकाने की बारी आपकी’, युद्ध के नुकसान पर रो रहे यूरोप पर तंज

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने यूरोपीय देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने यूरोप पर ज़ायोनी शासन (इजरायल) की आतंकवादी कार्रवाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अब उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। ईरान के साथ युद्ध के कारण यूरोप को हो रहे अरबों यूरो के आर्थिक नुकसान की शिकायतों के बीच रेजाई का यह कड़ा बयान सामने आया है।

‘युद्ध और आतंक की कीमत होती है, अब आपकी बारी’

शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मोहसिन रेजाई ने लिखा, “कल ही यूरोप ज़ायोनी शासन के गंदे कामों पर गर्व कर रहा था। आज, वह ईरान के साथ युद्ध में होने वाले अरबों के नुकसान का रोना रो रहा है।”

उन्होंने यूरोपीय देशों से सवाल किया कि जब वे युद्ध अपराधों पर तालियां बजा रहे थे, तो क्या उन्हें नहीं लगा कि इसका असर उन पर भी पड़ेगा। रेजाई ने कड़े शब्दों में कहा, “युद्ध और आतंक की एक कीमत होती है। अब भुगतान करने की आपकी बारी है।”

जर्मन चांसलर ने माना- 100 अरब यूरो का हुआ नुकसान

यूरोपीय नेताओं की तरफ से युद्ध की भारी आर्थिक लागत को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। सियोल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, पिछले आठ महीनों में इसके चलते यूरोप को 100 अरब यूरो (112 अरब डॉलर) से अधिक का नुकसान हो चुका है।

मर्ज़ ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष को सैन्य रूप से हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “यूरोप में व्यवसायों और उपभोक्ताओं ने 100 अरब यूरो से अधिक का अतिरिक्त भुगतान किया है क्योंकि इस संघर्ष के परिणामस्वरूप ऊर्जा महंगी हो गई है। इसलिए इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने में हमारा आर्थिक हित भी है।” उन्होंने बताया कि जर्मनी कूटनीतिक प्रयासों को तेज कर रहा है।

ईंधन का बढ़ता बिल और अमेरिका-इजरायल पर सवाल

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ और यूरोपीय संघ (EU) के ऊर्जा अधिकारियों ने भी ऐसे ही आंकड़े पेश किए हैं। उनका कहना है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद से जीवाश्म ईंधन (fossil-fuel) का आयात बिल और उपभोक्ताओं पर बोझ काफी बढ़ गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में संघर्ष और ईरानी रक्षात्मक कदमों के कारण उत्पन्न बाधाओं के सीधे नतीजे के तौर पर EU का ईंधन आयात बिल लगभग 100 अरब यूरो तक बढ़ गया है। इस बढ़ते संकट को देखते हुए यूरोपीय संघ के कई सांसद अब सीधे तौर पर वाशिंगटन और तेल अवीव को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

ईरान का रुख: ‘हमने पूरी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया’

मोहसिन रेजाई, जो पूर्व में लंबे समय तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख रहे हैं, ने हालिया बयानों में जोर देकर कहा है कि ईरान के प्रतिरोध ने हमलावरों को वास्तविक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका से भी बड़ी ताकतों ने ईरान को झुकाने की कोशिश की, लेकिन वे ‘इतिहास के कूड़ेदान’ में चले गए। रेजाई ने दावा किया कि तेहरान ने अभी तक अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया है।

ईरानी अधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि किसी भी स्थायी समाधान की शुरुआत हस्तक्षेपवादी कार्रवाइयों को रोकने से होनी चाहिए। उनके अनुसार, इसका बोझ इस्लामी गणराज्य पर डालने के बजाय ईरान की जायज सुरक्षा चिंताओं को मान्यता देना और तेहरान की शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।