‘जीत का मौसम’! जामिया में छात्रसंघ की वापसी का रास्ता साफ

neha
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में 18 दिनों से चल रहे छात्रों के आंदोलन को बड़ी कामयाबी मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग को स्वीकार करते हुए परिसर में छात्र संघ संविधान तैयार करने और चुनाव कराने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

कब तैयार होगा संविधान और कब होंगे चुनाव?

जामिया प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, छात्र संघ के नए संविधान का निर्माण 15 मई 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 16 जुलाई 2027 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के छह सप्ताह के भीतर विश्वविद्यालय में चुनाव कराए जाएंगे। संभावना है कि अगस्त 2027 के आखिरी हफ्ते में मतदान हो सकता है।

प्रशासन ने छात्रों को एक और बड़ी राहत देते हुए आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने की घोषणा की है। साथ ही छात्रों पर लगाए गए कैंपस बैन के फैसलों को भी रद्द किया जाएगा।

AISA अध्यक्ष की प्रतिक्रिया: ‘यह शानदार लड़ाई थी’

प्रशासन के इस फैसले के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर छात्रों के जश्न का एक वीडियो साझा किया। नेहा ने इस सफलता को ‘जीत का मौसम’ करार दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह जीत का मौसम है। JMI ने हमें रास्ता दिखाया है। क्या शानदार लड़ाई थी और ये बेहतरीन और लंबे समय से प्रतीक्षित जीत है।”

2006 में परिसर में हिंसा के बाद भंग हुआ था छात्रसंघ

जामिया मिलिया इस्लामिया में पिछले दो दशकों से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। विश्वविद्यालय में आखिरी बार साल 2005 में मतदान हुआ था। इसके बाद मार्च 2006 में परिसर में हुई एक हिंसक घटना के चलते प्रशासन ने छात्रसंघ (JMISU) को पूरी तरह से भंग कर दिया था।

वर्तमान में जामिया मिल्लिया इस्लामिया अपना 106वां स्थापना दिवस भी मना रहा है। इस मौके पर आंदोलनरत छात्रों ने गेट नंबर 7 के पास गुलिस्तान-ए-गालिब के सामने इसे ‘इंकलाबी मेले’ के रूप में मनाया। वहीं, यूनिवर्सिटी कैंपस में हाल ही में हुई तोड़फोड़ और हिंसा के एक मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।