Binance पर $6.3 अरब का साइबर हमला, क्रिप्टो इतिहास की सबसे बड़ी चोरी

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Gautam Kumar Agarwal
Gautam Kumar Agarwal

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बायनेस’ (Binance) को एक बड़े सुरक्षा सेंध का सामना करना पड़ा है। ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से सबसे बड़े इस एक्सचेंज के वॉलेट से करीब 6.3 अरब डॉलर की रकम चोरी होने की बात सामने आई है। इस भारी-भरकम चोरी के बाद प्लेटफॉर्म ने एहतियात के तौर पर सभी डिपॉजिट और विड्रॉल (लेनदेन) को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

अगर यह आंकड़ा सही साबित होता है, तो यह इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी होगी। इससे पहले फरवरी 2025 में दुबई के एक्सचेंज ‘बायबायट’ (Bybit) से 1.5 अरब डॉलर की चोरी हुई थी, जिसके पीछे एफबीआई ने उत्तर कोरिया का हाथ बताया था।

बायनेस का बयान और फंड्स को फ्रीज करने की कवायद

शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट जारी कर बायनेस ने बताया कि उसकी सुरक्षा टीम लगातार जांच कर रही है, फंड्स को फ्रीज किया जा रहा है और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक चोरी हुई सटीक रकम, हमलावर के सेंध लगाने के तरीके या इसके पीछे के जिम्मेदारों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

ब्लॉकचेन डेटा के मुताबिक, शुक्रवार को हांगकांग समयानुसार सुबह करीब 4:24 बजे बायनेस के वॉलेट से फंड्स निकाले जाने शुरू हुए थे। एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म ‘आर्कहम’ (Arkham) के हवाले से कॉर्डेस्क की रिपोर्ट में बताया गया कि हमलावर के वॉलेट में लगभग 5.7 अरब डॉलर के टोकन मौजूद थे, जिसमें करीब 1.5 अरब डॉलर की बिटकॉइन भी शामिल है।

टेथर (Tether) और सर्कल (Circle) जैसी दुनिया की दो सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन जारी करने वाली कंपनियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने टोकंस को फ्रीज करना शुरू कर दिया। बायनेस के अनुसार, अब तक 2.54 अरब डॉलर की संपत्ति को फ्रीज किया जा चुका है। इसमें टेथर ने 1.5 अरब डॉलर से अधिक के USDT और सर्कल ने 800 मिलियन डॉलर से अधिक के USDC को होल्ड पर डाला है।

सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों और एआई के दौर में क्रिप्टो बाजार के सुरक्षा जोखिमों को उजागर कर दिया है। उनके मुताबिक, यह सेंध किसी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के बजाय ट्रांजैक्शन साइन और ऑथराइज करने के तरीके से जुड़ी लगती है।

हांगकांग की डिजिटल एसेट इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म ‘क्रेगिस टेक्नोलॉजी’ के संस्थापक और सीईओ शॉन यान ने कहा कि घटना के मूल कारणों का पता लगाना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन संस्थानों को ऐसी गवर्नेंस डिजाइन करनी चाहिए जिससे सिंगल-पॉइंट फेल्योर से भारी नुकसान न हो।

बायनेस के संस्थापक चांगपेंग झाओ (Changpeng Zhao), जिन्होंने 2023 में मुख्य कार्यकारी पद छोड़ दिया था, ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह मामला पूरी तरह से एक ‘हैक’ जैसा दिखता है। एक शेयरधारक के रूप में उन्होंने उम्मीद जताई कि यूजर्स का सारा फंड पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया जाएगा।

बाजार पर असर और रिकवरी की उम्मीद

इस घटना के बाद बाजार में सुस्ती देखी गई। बिटकॉइन की कीमत करीब 5 प्रतिशत गिरकर लगभग 77,000 डॉलर पर आ गई, जो एक महीने से अधिक समय का निचला स्तर है। वहीं, बायनेस का अपना टोकन ‘BNB’ भी करीब 8 प्रतिशत लुढ़क गया।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस चोरी से बाजार पर लंबा दबाव नहीं पड़ेगा। जेफ को ने कहा कि ब्लॉकचेन पर टोकन ट्रेस होने के कारण इन्हें छुपाना आसान नहीं होगा और बायनेस इस नुकसान को आसानी से संभाल सकती है। बायनेस ने अपने बयान में दोहराया है कि वे चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट (पोस्टमोर्टम) साझा की जाएगी।