मोजतबा खामेनेई का युवाओं को संदेश, ‘ज्ञान और आस्था से मिलेगी ताकत’

ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्लाह सैय्यद मोजतबा खामेनेई ने देश के युवाओं और विश्वविद्यालय के छात्रों से ज्ञान और आस्था से खुद को लैस करने का आह्वान किया है। बुधवार को देश भर के छात्र समूहों को लिखे गए एक जवाबी पत्र में उन्होंने युवाओं से इस्लामी गणतंत्र को ‘प्रगति के शिखर’ की ओर ले जाने की अपील की है। खामेनेई ने छात्रों के दृढ़ संकल्प और जिम्मेदारी की भावना को नेतृत्व और युवा पीढ़ी के बीच एक मजबूत कड़ी करार दिया है।
‘छात्रों का संकल्प एक भारी अमानत’
छात्रों के पत्राचार का जवाब देते हुए अयातुल्लाह खामेनेई ने लिखा, “युवा छात्रों, मैंने आपके स्नेहपूर्ण पत्रों को बहुत ध्यान से पढ़ा है।” उनके मुताबिक, छात्रों के पत्रों में झलकने वाले दृढ़ संकल्प, इच्छाशक्ति और जिम्मेदारी की भावना एक भारी अमानत (Trust) का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने इस अमानत को पैगंबर मुहम्मद के इस्लाम, इमाम खुमैनी की विरासत और ‘शहीद खामेनेई’ से जुड़ा हुआ बताया।
कुरान और ज्ञान को हथियार बनाने की सलाह
अपने पत्र में अयातुल्लाह खामेनेई ने ईरानी युवाओं को ज्ञान, आस्था, आत्म-शुद्धि और कुरान व अहल अल-बेत की शिक्षाओं की गहरी समझ को अपना हथियार बनाने की सलाह दी है। उन्होंने ईरान की ताकत को बढ़ाने के लिए काम और इनोवेशन में दोगुने प्रयास करने का आह्वान किया। पत्र में उम्मीद जताई गई है कि प्रगति और इस्लामी-ईरानी सभ्यता के शिखर की ओर ले जाने वाला रास्ता जल्द ही साकार होगा।
विज्ञान और खेलों में कामयाबी पर दी बधाई
छात्र समूहों को दिया गया यह संदेश सोमवार को अयातुल्लाह खामेनेई द्वारा जारी किए गए उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के वैज्ञानिक और खेल पदक विजेताओं को संबोधित किया था। उस संदेश में उन्होंने एक ‘लगातार मजबूत होते ईरान’ के लिए एक व्यापक रोडमैप की रूपरेखा पेश की थी। उन्होंने खगोल विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानविकी सहित वैज्ञानिक ओलंपियाड के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय खेल उपलब्धियों पर देशवासियों को बधाई दी थी।
‘वैज्ञानिक प्रगति ही नई विश्व व्यवस्था का आधार’
ईरानी नेता ने देश के एलीट वर्ग—वैज्ञानिकों, छात्रों और एथलीटों—को राष्ट्रीय शक्ति का इंजन करार दिया है। उन्होंने स्टेम सेल रिसर्च, नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस, परमाणु ऊर्जा और रक्षा तकनीकों का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञान और प्रतिभा को जनता और देश की वास्तविक समस्याओं के समाधान के उपकरणों में बदला जा सकता है।
खामेनेई ने वैज्ञानिक प्रगति को सीधे तौर पर ईरान की भू-राजनीतिक स्थिति से जोड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक मजबूत ईरान वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति पर निर्भर करता है और यही आधार उभरते हुए वैश्विक समीकरणों और नई विश्व व्यवस्था में ईरान की भूमिका को आकार देता है।

