रियाद एयरपोर्ट से अरामको तक, सऊदी अरब के 7 ठिकानों पर हमले की खबर

Yemen
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

यमन के सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के भीतर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए सात बड़े सैन्य अभियानों को अंजाम दिया है। इन हमलों में रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यनबू स्थित अरामको (Aramco) केंद्र और रबीग तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है। यमन की ओर से यह कार्रवाई सऊदी अरब के हालिया हवाई हमलों के जवाब में की गई है।

7 ठिकानों पर सटीक हमले का दावा

यमन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी (Yahya Saree) ने शनिवार को एक बयान जारी कर इन हमलों की जानकारी दी। उनके मुताबिक, पहले अभियान के तहत रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे को दो चरणों में निशाना बनाया गया। इसके बाद यनबू में अरामको, रबीग तेल रिफाइनरी, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों और पूर्व-से-पश्चिम क्रूड ऑयल पाइपलाइन पर हमले किए गए। सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नजरान हवाई अड्डे और खमिस मुशैत एयर बेस पर सीधे और सटीक प्रहार किए गए हैं।

‘नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी’ की चेतावनी

सशस्त्र बलों ने स्पष्ट किया है कि सऊदी क्षेत्र के गहराई तक उनके अभियान जारी रहेंगे। सेना ने ‘नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी’ और ‘तनाव के बदले तनाव’ (escalation for escalation) की नीति अपनाने की बात कही है। सैन्य बयान में कहा गया है कि जब तक सऊदी आक्रामकता बंद नहीं होती और यमन की घेराबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक सऊदी सैनिकों के जमावड़े को लगातार निशाना बनाया जाएगा।

अदन में सैन्य शिविर और नौसेना बेस पर प्रहार

इन ऑपरेशनों से पहले यमन के बलों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में अल-नस्र सैन्य शिविर और नौसेना बेस पर भी हमले किए थे। याह्या सारी ने बताया कि इन दोनों जगहों पर सऊदी सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल बद्र सलाह अल-हरबी की देखरेख में बलों को लामबंद किया जा रहा था। यह तैयारी यमन और उसके सशस्त्र बलों पर हमले के लिए थी। प्रवक्ता ने यमन के लोगों से अपील की है कि वे सऊदी अरब के पैसों के लालच में आकर अपने ही नागरिकों के खिलाफ न लड़ें।

24 घंटे में 100 सऊदी हवाई हमलों का आरोप

यमन के सैन्य प्रवक्ता ने इस जवाबी कार्रवाई की मुख्य वजह सऊदी अरब की आक्रामकता को बताया। उनके अनुसार, पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब ने राजधानी सना और अन्य प्रांतों में नागरिक बुनियादी ढांचे पर 100 हवाई हमले किए, जिनमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए हैं। यमन के बयान के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष बढ़ने के बाद से अब तक देश पर कुल 3,123 हवाई और मिसाइल हमले हो चुके हैं।

हाल के हफ्तों में सऊदी अरब की ओर से हमलों में तेजी आने के बाद यमन के सशस्त्र बलों ने लाल सागर तट पर भी बड़े अभियान चलाए हैं। इसके चलते सऊदी समर्थित बलों को रणनीतिक मोर्चों से पीछे हटना पड़ा है। यमनी बलों ने बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandeb) के आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों और द्वीपों पर नियंत्रण कर लिया है, जिससे विश्व के इस प्रमुख समुद्री मार्ग (maritime chokepoint) पर उनकी स्थिति मजबूत हुई है।