10 हजार का पीस बॉन्ड क्यों नहीं भरेंगी नेहा बोरा? मोदी सरकार पर हमला

neha
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने शनिवार (24 अक्टूबर) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई और एसआईआर (SIR) पर रोक लगाने की मांग दोहराई।

‘पीस बॉन्ड’ को साइन करने से इनकार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा ने साफ किया कि उनका संगठन ‘पीस बॉन्ड’ को साइन नहीं करेगा। उनके मुताबिक, इस बॉन्ड को साइन करने से यह गलत संदेश जाएगा कि देश में किसी भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए इस तरह के हथकंडों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लोगों से उनका ‘राइट टू डेमोक्रेटिक डिसेंट’ छीना जा रहा है, इसलिए इसे लगातार चुनौती दी जाती रहेगी।

हाई कोर्ट में नोटिस को दी गई चुनौती

नेहा बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा उन्हें रोकने के लिए जो कदम उठाए गए, उनके खिलाफ संगठन ने हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने कहा कि जो नोटिस उन्हें मिला था, उसे कानूनी रूप से चुनौती देना जरूरी समझा गया। लोकतंत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक बड़े देश में आम जनता लोकतंत्र के दो मुख्य आधार समझती है—पहला, वोट देने का अधिकार और दूसरा, अधिकारों पर हमले के खिलाफ अपनी बात रख पाने का हक।

इलेक्टोरल रोल से नाम हटाने का आरोप

सरकार पर निशाना साधते हुए AISA अध्यक्ष ने दावा किया कि एसआईआर के माध्यम से आम लोगों का ‘राइट टू वोट’ छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्टोरल रोल से 13 करोड़ लोगों को हटाया गया है, जो इस बात को दर्शाता है कि देश के चुनावों को लोकतांत्रिक तरीके से संचालित नहीं होने दिया जा रहा है।