मौसम की मार का डर, भोपाल-इंदौर में रावण के पुतलों को ढकने की नौबत

मध्य प्रदेश में इस बार विजयादशमी के जश्न पर खराब मौसम का सीधा असर पड़ता दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के करीब 25 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम के इस अलर्ट को देखते हुए भोपाल समेत कई शहरों में आयोजकों ने रावण के विशाल पुतलों को भीगने से बचाने के लिए उन्हें पॉलीथिन से ढक दिया है।
पॉलीथिन में सुरक्षित किए गए विशाल पुतले
राजधानी भोपाल में लगातार बारिश की आशंका के बीच कलाकारों ने पुतलों को पॉलीथिन शीट से कवर कर दिया है, ताकि शाम को दहन के वक्त कोई तकनीकी अड़चन न आए। आयोजकों के सामने 2022 की चुनौती भी है, जब खराब मौसम और बारिश के कारण पुतले भीग गए थे और उन्हें जलाने के लिए केरोसिन की मदद लेनी पड़ी थी। तेज हवाओं और खुले मैदान के कारण मंच और आतिशबाजी वाले कार्यक्रमों पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
भोपाल में 105 फीट का रावण, इंदौर में जलेगी 250 फीट की लंका
बारिश के खतरे के बावजूद दहन की तैयारियां भव्य स्तर पर की गई हैं। भोपाल के कोलार में 105 फीट ऊंचे रावण का दहन होना है। जंबूरी मैदान में 101 फीट ऊंचे पुतले के दहन के साथ ड्रोन से पुष्पवर्षा की योजना बनाई गई है। वहीं, कलियासोत दशहरा मैदान में 90 फीट के रावण और 85 फीट के कुंभकर्ण के पुतले के साथ लेजर शो का आयोजन रखा गया है।
दूसरी ओर, इंदौर के प्रसिद्ध दशहरा मैदान में शाम 7 बजे रावण दहन के साथ 250 फीट ऊंची लंका जलाई जाएगी। इसके लिए कलाकारों ने रावण के दस सिर विशेष रूप से तैयार किए हैं।
25 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट
IMD भोपाल के मुताबिक, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के कारण प्रदेश में पिछले चार दिनों से बारिश का दौर जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब 4.5 इंच बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, खंडवा, देवास, सागर, विदिशा, शिवपुरी और छतरपुर समेत 25 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। विभाग ने 23 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताते हुए आंधी के दौरान कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की चेतावनी भी दी है।

