दिल्ली से मुंबई तक प्रदूषण की मार, BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध की तैयारी

दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण ने फिर से अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री और अधिकतम 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में इस गिरावट के साथ ही दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंचने लगा है।
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में AQI स्तर के आधार पर ग्रैप (GRAP) 1, 2 और 3 की पाबंदियां लागू की जाती हैं। इसी कड़ी में दिल्ली में आगामी 1 नवंबर से बीएस-4 (BS-4) के पुराने वाहनों के चलने पर रोक लगने जा रही है।
गाजियाबाद का लोनी सबसे प्रदूषित क्षेत्र
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी इलाके में प्रदूषण खतरे के स्तर को पार कर गया है। यहां का AQI 309 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। गाजियाबाद के अन्य इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक है। वेब सिटी में AQI 217, संजय नगर में 204, वसुंधरा में 203 और इंदिरापुरम में 195 रहा।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-3 में AQI 235 और नॉलेज पार्क-5 में 201 दर्ज किया गया। वहीं, नोएडा सेक्टर 62 में 159 और सेक्टर 1 में AQI 138 रहा।
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में AQI का हाल
दिल्ली के बवाना इलाके में मंगलवार को सबसे ज्यादा 237 AQI दर्ज किया गया। इसके अलावा चांदनी चौक में 211, आया नगर में 161, बुराड़ी क्रॉसिंग में 152, कैंट एरिया में 126 और आनंद विहार में 120 AQI रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 200 के पार था। इससे पहले रविवार को आनंद विहार और आईटीओ जैसे इलाकों में यह 300 के पार पहुंच गया था। रविवार को ही मुंडका में 227, जहांगीरपुरी में 212, चांदनी चौक में 188, रोहिणी-विवेक विहार में 187 और पंजाबी बाग में 171 AQI रहा था।
प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, पड़ोसी राज्यों में पराली जलने के अलावा कुछ मौसमी बदलाव प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं:
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मॉनसून के बाद हवाओं की गति बेहद धीमी हो गई है, जिससे धूल और धुएं के कण बिखर नहीं पाते।
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शुष्क मौसम के कारण धूल के कण वातावरण में तैरते रहते हैं।
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तापमान गिरने से ठंडी हवा भारी होकर जमीन के करीब बैठ जाती है, जिससे वाहनों व निर्माण कार्यों का धुआं और धूल निचले वायुमंडल में ही फंस जाती है।
मुंबई का एक्यूआई भी चिंताजनक
प्रदूषण की यह समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। अमेरिकी निगरानी एजेंसी IQAir की नई रैंकिंग के अनुसार, मुंबई दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में इसे पांचवें स्थान पर रखा गया है। मुंबई में हालिया AQI 166 दर्ज किया गया है।
पर्यावरण मंत्री का दावा और मौसम विभाग का पूर्वानुमान
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री का दावा है कि कोरोना लॉकडाउन के वर्ष को छोड़ दिया जाए, तो 2016 के बाद से यह साल दिल्ली की हवा के लिए सबसे अच्छा रहा है। उनके मुताबिक, इस साल अब तक 211 दिन हवा ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही है।
हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश के कोई संकेत नहीं हैं और तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। 22 और 23 अक्टूबर को मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा, जबकि 24 और 25 अक्टूबर को आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है।

