चिप और AI की दुनिया में नई एंट्री की तैयारी, फिलीपींस ने बनाया बड़ा प्लान

मनीला: फिलीपींस अपनी राजधानी मनीला से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित ‘न्यू क्लार्क सिटी’ (New Clark City) को एशिया की नई ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘पैक्स सिलिका’ (Pax Silica) गठबंधन और लूजोन इकोनॉमिक कॉरिडोर (LEC) के तहत, फिलीपींस की नजर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों—Apple, Nvidia, TSMC, Broadcom, Samsung और AMD—को आकर्षित करने पर है।
इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्देश्य चिप निर्माण (chip making), क्रिटिकल मिनरल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब विकसित करना है। उद्योग और अकादमिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विदेशी निवेश को धरातल पर उतारने के लिए फिलीपींस को अपनी इंजीनियरिंग, सेमीकंडक्टर और एआई ट्रेनिंग क्षमताओं को तेजी से बढ़ाना होगा।
‘पैक्स सिलिका’ और रोजगार के बड़े अवसर
‘पैक्स सिलिका’ न्यू क्लार्क सिटी (तारलाक) में प्रस्तावित 4,000 एकड़ का एक हाई-टेक विनिर्माण और नवाचार क्षेत्र है। इसे सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, एआई कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और ऊर्जा बुनियादी ढांचे की मेजबानी के लिए डिजाइन किया गया है।
बेसेस कन्वर्जन एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (BCDA) के अनुमान के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से 1,30,000 से अधिक उच्च-गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा हो सकती हैं। उद्योग से जुड़े अनुमान बताते हैं कि इससे 1.80 लाख प्रत्यक्ष पेशेवर नौकरियां और 8 लाख ‘सहायक नौकरियां’ सृजित होने की उम्मीद है।
कुशल कामगारों और इंजीनियरों का भारी संकट
प्रोजेक्ट की भव्यता के बीच सबसे बड़ी चुनौती ‘टैलेंट गैप’ है। फिलीपींस के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग (SEIPI) के अनुसार, 2026 तक इस क्षेत्र में 56,605 प्रशिक्षित कामगारों की जरूरत है। इनमें 5,875 इंजीनियर, 6,483 तकनीशियन और 44,247 ऑपरेटर शामिल हैं। सरकार ने 2028 तक 1,28,000 कुशल पेशेवरों का लक्ष्य रखा था, जिसे अब बढ़ाकर 2030 कर दिया गया है।
फिलीपींस में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादों की 278 कंपनियां काम कर रही हैं। 2025 में इस सेक्टर का निर्यात मूल्य करीब 50 अरब डॉलर रहा था। चिप डिजाइन और फैब्रिकेशन जैसे गहरे तकनीकी काम के लिए जिस विशेष कौशल की दरकार है, वह देश में अपर्याप्त है।
वियतनाम से पिछड़ रहा है फिलीपींस
SEIPI के अध्यक्ष डॉ. डेनिलो लाचिका के मुताबिक, फिलीपींस अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी वियतनाम की तुलना में काफी कम इंजीनियर तैयार कर रहा है। उनके दावे के अनुसार, वियतनाम हर साल फिलीपींस के मुकाबले “10 गुना अधिक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स” पैदा कर रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों (CHED) के अनुसार, फिलीपींस ने अपने हालिया पीक (2018-19) में सालाना लगभग 87,000 इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी स्नातकों को तैयार किया था। 2022 की PISA रिपोर्ट बताती है कि 15 वर्षीय फिलिपिनो छात्रों का गणित में स्कोर 355 रहा, जबकि OECD का औसत 472 था। इस मामले में वियतनाम, मलेशिया और इंडोनेशिया ने फिलीपींस को पीछे छोड़ दिया है।
विश्वविद्यालयों में निवेश और सुधार की मांग
यूनिवर्सिटी ऑफ फिलीपींस (UP-Diliman) के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट ने आगाह किया है कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो फिलीपींस केवल विदेशी नेतृत्व वाले एआई निवेश का एक मेजबान बनकर रह जाएगा। रिपोर्ट में ‘मजबूत घरेलू तकनीकी क्षमताओं’ के निर्माण की वकालत की गई है।
वित्त सचिव राल्फ रेक्टो ने विनिर्माण हब के पास स्कूलों और प्रशिक्षण केंद्रों के निर्माण की जरूरत बताई है। उनका कहना है कि लूजोन इकोनॉमिक कॉरिडोर में सेमीकंडक्टर जोन बनने से अत्यधिक कुशल श्रमिकों की मांग में भारी उछाल आएगा। फिलीपींस के सामने 2028 तक खुद को इस नई वैश्विक चिप अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की कड़ी चुनौती है।

