विद्युत जामवाल की हॉलीवुड डेब्यू फिल्म स्ट्रीट फाइटर का रिव्यू, कैसी है फिल्म

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

निर्देशक: किताओ सकुराई कलाकार: एंड्रयू कोजी, नोहा सेंटिनियो, कैलिना लियांग, विद्युत जामवाल, डेविड डास्टमालचैन, जेसन मोमोआ, रोमन रेंस, 50 सेंट, कोडी रोड्स श्रेणी: एक्शन, एडवेंचर (अंग्रेजी, हिंदी) अवधि: 1 घंटे 59 मिनट क्रिटिक रेटिंग: 2.5/5

स्ट्रीट फाइटर मूवी रिव्यू:

वीडियो गेम के मशहूर किरदारों को बड़े पर्दे पर एक्शन करते देखने का अपना एक अलग रोमांच होता है। इसी रोमांच को भुनाने के लिए लोकप्रिय जापानी फाइटिंग गेम (Fighting Game) सीरीज पर आधारित फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ (Street Fighter) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में बढ़िया कहानी, अतरंगी किरदार और दमदार एक्शन है, लेकिन कमजोर पटकथा (Screenplay) ने इसके मजे को काफी हद तक किरकिरा कर दिया है।

भारतीय दर्शकों के लिए इस हॉलीवुड फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड के एक्शन स्टार विद्युत जामवाल (Vidyut Jammwal) हैं। इस फिल्म के जरिए अपना हॉलीवुड डेब्यू करने वाले विद्युत का स्क्रीन स्पेस भले ही सीमित है, लेकिन उन्होंने अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

‘स्ट्रीट फाइटर’ की कहानी

फिल्म की कहानी 1993 के दौर में सेट है। यह दो जिगरी फाइटर दोस्तों र्यू (एंड्रयू कोजी) और केन मास्टर्स (नोहा सेंटिनियो) की कहानी है। र्यू 1987 के पहले ‘वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट’ का विजेता था, लेकिन हालात दोनों दोस्तों को अलग कर देते हैं। अब केन एक नॉन-सीरियस मीडिया सेलिब्रिटी बन चुका है, जबकि र्यू गुमनामी की जिंदगी जी रहा है।

इसी बीच, एक सनकी तानाशाह एम. बाइसन (डेविड डास्टमालचैन) दूसरे वर्ल्ड वॉरियर टूर्नामेंट की घोषणा करता है। रहस्यमयी चंग-ली (कैलिना लियांग) तमाम योद्धाओं के साथ इन दोनों को भी मुकाबले के लिए वापस एक साथ लाती है। देखने में यह टूर्नामेंट सिर्फ ताकत का प्रदर्शन लगता है, लेकिन इसके पीछे तानाशाह बाइसन की एक बहुत गहरी साजिश छिपी होती है।

निर्देशन और कमजोर पटकथा

निर्देशक किताओ सकुराई (Kitao Sakurai) ने फिल्म को वीडियो गेम की दुनिया के करीब रखने की पूरी कोशिश की है। रंग-बिरंगे कॉस्ट्यूम, किरदारों के अतरंगी अंदाज, चुटीले संवाद और शानदार फाइट मूव्स गेम के प्रशंसकों को जरूर पसंद आएंगे।

लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी खामी इसका बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले है। कहानी में एक साथ इतना कुछ हो रहा होता है कि दर्शकों को अपना दिमाग लगाना पड़ता है। जिन दर्शकों ने कभी यह गेम नहीं खेला है, उनके लिए कहानी समझना काफी जटिल है। निर्देशक ने मुख्य किरदारों (र्यू और केन) के अलावा किसी भी अन्य फाइटर की ‘बैकस्टोरी’ (अतीत) बताने की जरूरत नहीं समझी।

विद्युत जामवाल का किरदार ‘धालसिम’

भारतीय दर्शकों को सबसे ज्यादा निराशा विद्युत जामवाल के किरदार ‘धालसिम’ (Dhalsim) के अधूरे बैकग्राउंड को देखकर होगी। फिल्म में यह बताया ही नहीं गया कि यह भारतीय योद्धा कौन है और वह इस टूर्नामेंट तक कैसे पहुंचा। यही कमी कोडी रोड्स (Cody Rhodes) और अन्य फाइटर्स के किरदारों के साथ भी खलती है। इसके अलावा, फिल्म की खराब एडिटिंग भी इसका मजा खराब करती है।

अभिनय

  • एंड्रयू कोजी और नोहा सेंटिनियो: दोनों अपने-अपने किरदारों में पूरी तरह फिट बैठते हैं। एंड्रयू का इंटेंस लुक और नोहा का मजाकिया अंदाज अच्छी केमिस्ट्री बनाता है।

  • कैलिना लियांग: चंग ली के किरदार में कैलिना लियांग ने प्रभावित किया है।

  • डेविड डास्टमालचैन: सनकी विलेन बाइसन के रूप में डेविड शानदार लगे हैं।

  • विद्युत जामवाल: जेसन मोमोआ और रोमन रेंस जैसे सितारों के बीच विद्युत के हिस्से सिर्फ एक ही कायदे का एक्शन सीक्वेंस आया है, जिसमें उन्होंने अपनी महारत साबित की है।

क्यों देखें?

यदि आप बचपन में ‘स्ट्रीट फाइटर’ वीडियो गेम के दीवाने रहे हैं या फिर विद्युत जामवाल के हार्डकोर एक्शन फैन हैं, तो यह फिल्म आपको एक बार जरूर देखनी चाहिए। उम्मीद है कि फिल्म के अगले सीक्वल में किरदारों के साथ ज्यादा न्याय किया जाएगा।