अमेरिकी हमला, ईरान की ललकार, क्या फिर तेज होगी युद्ध की आग?

मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) और ओमान की खाड़ी के पास सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने खुलासा किया है कि अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी के पास ईरान से जुड़ी एक पारंपरिक नाव (डौ) को नष्ट कर दिया है। अमेरिकी सेना का आरोप था कि यह नाव अमेरिकी युद्धपोतों की जासूसी और उन्हें निशाना बनाने के अभियानों में जुटी हुई थी। हालांकि, कार्रवाई से पहले नाव के क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
ईरान को जंग के लिए तैयार रहने की जरूरत: मोहम्मद बाकर कलीबाफ
इस बीच, ईरान के राजनीतिक गलियारों से आक्रामक बयान सामने आए हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने एक टेलीविज़न भाषण में कहा कि भले ही देश अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है, लेकिन उसे हर हाल में युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
कलीबाफ ने कहा कि ईरान की मुख्य चिंता अमेरिका को दोबारा हमला करने से रोकना है, लेकिन अमेरिका के साथ किसी भी समझौते या हस्ताक्षर पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि “वे अपने वादों से मुकर जाते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एक क्रूर दुश्मन का मुकाबला करने और स्थायी अवरोध (Sustainable Deterrence) हासिल करने के लिए मैदान में डटकर लड़ना होगा।
नियोजित रणनीतियां और छोटे जहाजों का इस्तेमाल
सुरक्षा रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सेना द्वारा रडार क्षमताओं को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद ईरान ने अपनी रणनीतियों में बदलाव किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) अब होर्मुज और आसपास के इलाकों में अमेरिकी नौसैनिक जहाजों और व्यावसायिक पोतों की पहचान करने के लिए छोटी नावों और ‘अनआर्म्ड स्पॉटर्स’ (निहत्थे नजर रखने वालों) का इस्तेमाल कर रहा है।
दूसरी ओर, ईरान का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक नेवल माइन (समुद्री सुरंग) की चपेट में आने से 2,500 से अधिक कंटेनरों को ले जा रहा एक बड़ा कार्गो जहाज डूब गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस सामरिक जलमार्ग पर लगातार बढ़ रहे हमलों और अवरोधों से वैश्विक नौवहन (Shipping) पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।
हूती विद्रोहियों द्वारा नए मिसाइल सिस्टम का विकास
इस क्षेत्रीय संघर्ष के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को लेकर भी एक नई रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हूती विद्रोही चीनी घटकों (Chinese Components) की मदद से एक नया और उन्नत मध्यम दूरी का बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए हथियार के विकसित होने से हूती विद्रोहियों की मारक क्षमता और अधिक सटीक हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में सक्रिय सऊदी अरब और इजरायल के खिलाफ उनके हमलों का दायरा और बढ़ सकता है।

