यूपी में BJP की ओर बढ़े सपा के बागी विधायक, राकेश प्रताप सिंह ने खोले पत्ते

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह 14 अक्टूबर को अपने समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं। बीजेपी में शामिल होने से ठीक पहले उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक दावा कर सियासी हलचल तेज कर दी है।
राकेश प्रताप सिंह ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (SP) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जो जल्द ही बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं।
सपा के कई विधायक संपर्क में होने का दावा
राकेश प्रताप सिंह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि 14 अक्टूबर को गौरीगंज में होने जा रहा उनका सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम बेहद ऐतिहासिक होगा। इस कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद मौजूद रहेंगे।
सपा विधायकों के पाला बदलने की अटकलों पर उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी के कई विधायक और अन्य नेता मेरे संपर्क में हैं और भाजपा में आना चाहते हैं।” उन्होंने बताया कि भाजपा में शामिल होने की एक निर्धारित प्रक्रिया है और राष्ट्रीय जॉइनिंग कमेटी की अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने संपर्क कर रहे नेताओं से कहा है कि पहले वह स्वयं भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लें, उसके बाद प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व से बातचीत कर अन्य लोगों को शामिल कराने का प्रयास करेंगे।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
राकेश प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के राजनीतिक रुख पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिस व्यक्ति में स्थिरता नहीं होती, उसे सफलता हासिल करने में हमेशा कठिनाई होती है।”
अमेठी में भाजपा की संभावनाओं पर बड़ा दावा करते हुए सिंह ने कहा कि संगठन की शक्ति और जनता के समर्थन से भाजपा यहां बहुत मजबूत स्थिति में होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनावों में अमेठी लोकसभा क्षेत्र की सभी पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा शानदार जीत दर्ज करेगी।
’98 प्रतिशत समर्थक भी होंगे भाजपा में शामिल’
गौरीगंज विधायक ने दावा किया कि उनकी विधानसभा के लगभग 80 प्रतिशत ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) सदस्य और पूर्व प्रधान ही नहीं, बल्कि पिछले 15 वर्षों से उनका साथ देने वाले करीब 98 प्रतिशत समर्थक भी उनके साथ 14 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सिंह ने कहा कि उन्होंने दल बदलने से पहले अपने समर्थकों से लगातार चर्चा की। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का बढ़ता वैश्विक सम्मान और सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा यूपी में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के चलते उनके अधिकांश समर्थकों की राय भाजपा में शामिल होने के पक्ष में थी।
‘भाजपा में विधायक बनने नहीं, गिलहरी की भूमिका निभाने आया हूं’
राकेश प्रताप सिंह पिछले करीब 15 वर्षों से सपा के टिकट पर विधायक बनते रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि उनका निर्णय किसी तरह की ‘सौदेबाजी’ का परिणाम नहीं है।
उन्होंने कहा, “मैं भारतीय जनता पार्टी में विधायक बनने नहीं आया हूं। मैं अमेठी और उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत करने के लिए ‘गिलहरी’ की तरह अपनी भूमिका निभाना चाहता हूं।” उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग से लेकर भाजपा में शामिल होने के निर्णय तक, उन्होंने करीब ढाई साल का समय आत्ममंथन में बिताया है।
सिंह ने कहा, “जब किसी व्यक्ति की आस्था और विचारों पर चोट पहुंचती है, तो उसे अपनी राजनीतिक दिशा पर विचार करना पड़ता है। मैंने क्रॉस वोटिंग से लगभग एक साल पहले ही अपने राजनीतिक भविष्य के स्पष्ट संकेत दे दिए थे।”

