2 मिलियन बैरल तेल ले जाने में सक्षम सुपरटैंकर में विस्फोट, होर्मुज में तनाव

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नौसेना ने शनिवार को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बड़े कच्चे तेल के टैंकर (Supertanker) में शक्तिशाली विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई है। IRGC के अनुसार, यह घटना तब हुई जब टैंकर ‘अवैध और खतरनाक मार्ग’ से जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान वह एक नौसैनिक बारूदी सुरंग (Naval Mine) से टकरा गया।
शनिवार को जारी बयान में IRGC नौसेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि घटना से ठीक पहले सुपरटैंकर ने अपना नेविगेशन और पोजिशनिंग सिस्टम (Navigation Systems) बंद कर दिया था। विस्फोट के बाद जहाज में लगी आग इतनी भयंकर थी कि इसे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों द्वारा भी देखा जा सकता था।
‘नियमों की अनदेखी करने वालों का यही अंजाम होगा’
IRGC ने इस घटना के बाद व्यावसायिक जहाजों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। नौसेना ने अपने बयान में कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी तेल टैंकर का अंजाम ऐसी ही भीषण आग होगी।”
LPG कैरियर पर भी हुआ था हमला, दायरा बढ़ाने की चेतावनी
सुपरटैंकर में विस्फोट की यह घटना शुक्रवार को एक विशाल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) कैरियर पर हुए हमले के बाद हुई है। IRGC नौसेना ने उस एलपीजी कैरियर को भी जलडमरूमध्य के दक्षिण में एक “अवैध मार्ग” से गुजरने के आरोप में निशाना बनाया था।
इसके साथ ही IRGC ने साफ कर दिया है कि अनधिकृत मार्गों का उपयोग करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई अब केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित नहीं रहेगी। नौसेना ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले जहाजों का पूरे क्षेत्र में पीछा किया जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी।
28 फरवरी से ईरान का पूर्ण नियंत्रण, ट्रैफिक में भारी गिरावट
28 फरवरी को देश के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली आक्रामकता शुरू होने के बाद से ईरानी सशस्त्र बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है। मौजूदा युद्ध और शिपिंग पर लगे कड़े प्रतिबंधों के कारण इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। दैनिक आवाजाही अब दहाई के आंकड़े से भी नीचे आ गई है।
तेहरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसकी मांगों को पूरा नहीं करता और ईरान का भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक वह इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह से नहीं खोलेगा।

