ईरान सरेंडर के करीब? ट्रंप के दावे पर रेज़ाई ने गिनाए लोग और मिसाइलें

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के खिलाफ ‘जीत के दावों’ पर तीखा प्रहार किया है। उनका कहना है कि ट्रंप के दावे अब “कल्पनाओं” की सीमा भी पार कर चुके हैं, जबकि जमीनी हकीकत ईरान के लोगों, सैनिकों और मिसाइलों द्वारा तय की जा रही है।

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई (Mohsen Rezaei) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट में यह कड़ी टिप्पणी की।

‘अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब राष्ट्रपति हैं ट्रंप’

मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए अपने पोस्ट में लिखा: “एक के बाद एक विफलता के बाद, अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति सिर्फ बातें कर रहा है—और केवल बातें ही कर रहा है—और अब उनके शब्द उनकी अपनी कल्पनाओं को भी पीछे छोड़ चुके हैं।”

उन्होंने आगे लिखा, “आप अपनी कल्पनाओं में हर दिन जीत सकते हैं। लेकिन वास्तविकता को ईरान आकार देता है—इसके लोग, इसके सैनिक और इसकी मिसाइलें।”

ट्रंप 100 से ज्यादा बार कर चुके हैं जीत का दावा

यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ने बार-बार यह दावा किया है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ युद्ध पहले ही जीत चुका है या जीतने की कगार पर है। एक हालिया आंकड़े के अनुसार, ट्रंप कम से कम 100 बार जीत का दावा कर चुके हैं।

  • ये दावे 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा ईरान के खिलाफ अकारण आक्रामक युद्ध शुरू करने के तुरंत बाद से ही सामने आने लगे थे।

  • हालांकि, 40 दिनों के इस युद्ध के दौरान ईरान के कड़े जवाब ने ट्रंप के दावों की पोल खोल दी। क्षेत्र भर में अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हुए ईरानी हमलों ने उन्हें युद्धविराम स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया और अमेरिकी प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचाया।

वाशिंगटन के इन दावों के बावजूद कि ईरानी सशस्त्र बल कमजोर हो गए हैं, ईरानी सेना ने जुलाई से घुसपैठ करने वाले ड्रोन को गिराना और दुश्मन के ठिकानों पर मिसाइलों व ड्रोनों से हमला करना जारी रखा है।

IRGC की चेतावनी: ‘मुफ्त की धमकियों का दौर खत्म’

इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी कड़ा बयान जारी किया है। IRGC का कहना है कि ईरान के खिलाफ ‘बिना कीमत वाली धमकियों’ (Cost-free threats) का दौर अब खत्म हो चुका है। उसने किसी भी आक्रामक कार्रवाई का बेहद दर्दनाक और पछतावे से भरा जवाब देने का संकल्प लिया है।

ट्रंप की धमकियां: ‘या तो समझौता करो, या अस्तित्व मिट जाएगा’

दूसरी ओर, ईरान के खिलाफ युद्ध के उद्देश्यों को प्राप्त करने में अपनी विफलता के बीच ट्रंप लगातार 9 करोड़ की आबादी वाले इस देश को अस्तित्व खत्म करने की धमकियां दे रहे हैं।

  • गुरुवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें ईरान को लेकर एक अहम फैसला करना है। ट्रंप ने कहा, “वे या तो एक बहुत ही निष्पक्ष समझौते (Fair Deal) पर हस्ताक्षर करेंगे, या फिर उनका अस्तित्व ही नहीं रहेगा।”

  • उनकी यह ताज़ा चेतावनी पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दी गई धमकी की ही गूंज है। शांति के सबसे बड़े मंच से 22 सितंबर को विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा था कि उनके पास ईरान के साथ समझौता करने या देश को “पूरी तरह तबाह” (Annihilate) करने में से किसी एक को चुनने का विकल्प है।

बता दें कि ट्रंप ने पिछले ही हफ्ते युद्ध समाप्त करने की एक शांति पहल को भी खारिज कर दिया था। यह योजना कतरी मध्यस्थों के माध्यम से वाशिंगटन तक पहुंचाई गई थी।