कैप्टन स्मित माछर को इजरायल ने दिया सम्मान, मुंबई में लगा बड़ा होर्डिंग

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भोजराज नावानी
भोजराज नावानी

दुबई से तेल अवीव (Israel) जा रही ‘फ्लाईदुबई’ (Flydubai) की फ्लाइट में अपनी जान पर खेलकर 174 यात्रियों को क्रैश से बचाने वाले जांबाज भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर (Smit Machhar) रातों-रात वैश्विक हीरो बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही उनकी बहादुरी को सलाम कर चुके हैं।

अब, मुंबई (Mumbai) के रहने वाले इस पायलट के सम्मान में मुंबई स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास (Israeli Consulate General) ने शहर में एक विशाल और खास होर्डिंग लगवाया है।

‘इजरायल तुम्हारा नाम कभी नहीं भूलेगा’

इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच (Yaniv Revach) ने कैप्टन स्मित माछर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुंबई में यह बिलबोर्ड (होर्डिंग) लगवाया है। रेवाच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर इस होर्डिंग की तस्वीर साझा करते हुए एक भावुक संदेश लिखा: “भारत को नया हीरो मिला है और इजरायल उसका नाम कभी नहीं भूलेगा।”

होर्डिंग पर बड़े अक्षरों में लिखा गया है- “Thank You Captain Smit for saving lives. We wish you a speedy recovery.” (लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद कैप्टन स्मित। हम आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।)

को-पायलट की क्रैश करने की साजिश को किया था नाकाम

बता दें कि कैप्टन स्मित माछर फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट को कमांड कर रहे थे, जिसमें उनके को-पायलट ने जानबूझकर प्लेन क्रैश करने की कोशिश की थी। कैप्टन स्मित ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट में को-पायलट से संघर्ष किया और विमान को सुरक्षित लैंड कराकर 174 निर्दोष यात्रियों की जान बचा ली थी।

कैसे हैं कैप्टन स्मित? ससुर ने दिया हेल्थ अपडेट

कॉकपिट में हुए हिंसक संघर्ष में कैप्टन स्मित माछर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब वह अपने घर मुंबई लौट आए हैं। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उनके ससुर जयसुखभाई जोगी ने उनका हेल्थ अपडेट दिया।

  • ससुर जयसुखभाई ने कहा, “भगवान ने उन्हें बचा लिया। उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया है और शरीर पर कई जगह टांके आए हैं। हालांकि, अब उनकी तबीयत स्थिर है।”

  • उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, “हमें बहुत अच्छा लग रहा है। वह घर आ गए हैं और सभी लोग उनका अभिनंदन करने और उनसे मिलने आ रहे हैं। हम बहुत खुश और गौरवान्वित हैं।”

कैप्टन स्मित माछर का यह अदम्य साहस न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के एविएशन इतिहास में एक मिसाल बन गया है।