सुरक्षा हटने पर विधानसभा पहुंचे मेहराज मलिक, स्पीकर ने कराया बाहर

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक को मार्शल की मदद से सदन से बाहर निकाल दिया गया। मलिक अपनी सरकारी गाड़ी और निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) हटाए जाने का आरोप लगाते हुए खुद मोटरसाइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे थे। सदन में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति न मिलने पर उन्होंने वेल में जाने की कोशिश की, जिसके बाद स्पीकर ने उन्हें बाहर करने का सख्त आदेश दिया।

बाइक से विधानसभा पहुंचे AAP विधायक

मेहराज मलिक का आरोप है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी सरकारी गाड़ी वापस ले ली है। इसके साथ ही उनके एस्कॉर्ट और ड्राइवर को भी हटा दिया गया। सुरक्षा वापस लिए जाने के विरोध में वह बिना किसी सुरक्षा घेरे के अपनी मोटरसाइकिल चलाकर विधानसभा परिसर पहुंचे।

सदन में हंगामा और स्पीकर की कार्रवाई

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक ने अपनी सुरक्षा में कटौती का मुद्दा उठाना चाहा। जब उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया, तो उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए सदन के वेल की तरफ बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान काफी हंगामा हुआ। स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने मार्शल बुलाकर विधायक को सदन से बाहर निकालने का निर्देश दे दिया। मेहराज मलिक के इन आरोपों और सदन में हुए हंगामे पर सरकार की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।

‘राज्य के इकलौते MLA, जिनके पास कोई सुरक्षा नहीं’

इससे पहले 29 सितंबर (मंगलवार) को मेहराज मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी सुरक्षा हटाए जाने की जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि एस्कॉर्ट और ड्राइवर हटाए जाने के बाद श्रीनगर से उनके लिए तैनात किए गए दोनों PSO को भी वापस बुला लिया गया है। मलिक का दावा है कि वह जम्मू-कश्मीर के इकलौते ऐसे विधायक हैं, जिनके पास अब न तो कोई एस्कॉर्ट है, न ड्राइवर और न ही कोई पीएसओ।

LG मनोज सिन्हा और पुलिस DG को ठहराया जिम्मेदार

सुरक्षा वापस लिए जाने को लेकर मेहराज मलिक ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (DG) और उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा पर सीधा निशाना साधा है।

अपनी पोस्ट में जम्मू-कश्मीर पुलिस को टैग करते हुए उन्होंने लिखा कि डीजी ने एस्कॉर्ट हटाते वक्त तर्क दिया था कि राज्य में कोई खतरा नहीं है। मलिक ने सवाल उठाया कि पुलिस के अनुसार प्रदेश के हर विधायक को खतरा है, लेकिन उन्हें नहीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि अगर उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जिम्मेदार होंगे।