ECI पर कांग्रेस के हमले से क्यों भड़कीं स्मृति? सामने आया BJP का जवाब

smrati irani
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग (Election Commission) की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे सवालों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। ईरानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक हार से बौखला गई है और इसी हताशा में देश की संवैधानिक संस्थाओं व लोकतंत्र को निशाना बना रही है।

‘संवैधानिक ढांचे को बर्बाद करने की साजिश’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेतृत्व पर सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल करने के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।

ईरानी के मुताबिक, प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत हमले करना या उनका मजाक उड़ाना एक अलग विषय हो सकता है, लेकिन अब कांग्रेस के ये हमले सीधे भारत के लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थानों की ओर मुड़ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के इन कदमों को देश के संवैधानिक ढांचे को बर्बाद करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया।

‘जिन राज्यों में भाजपा नहीं, क्या वहां कांग्रेस EC को क्लीन चिट देती है?’

चुनाव आयोग पर लगातार उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए भाजपा महासचिव ने कहा कि देश की जनता मौजूदा लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर कांग्रेस को अपना समर्थन नहीं दे रही है। अपनी चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस सीधे चुनाव आयोग पर हमले कर रही है। ईरानी ने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकार नहीं है, क्या कांग्रेस वहां चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रही है।

13.30 करोड़ वोटर और फर्जी नामों के मुद्दे पर जवाब

मतदाता सूची से नाम काटे जाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों के मुद्दे पर भी स्मृति ईरानी ने पार्टी का पक्ष रखा। मृतकों और फर्जी नामों पर चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आयोग 26 तारीख को ही इस संबंध में अपना विस्तृत बयान जारी कर चुका है।

चुनाव आयोग के प्रेस नोट के अनुसार, बीएचओ (BHOs) घर-घर जाकर एसआईआर (SIR) से जुड़े नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों के दस्तावेजों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करेंगे। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब चुनाव आयोग ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है, तो पार्टी आखिर क्यों चाहती है कि मतदाता सूचियों में मृत लोगों के नाम दोबारा जोड़े जाएं और फर्जी या डुप्लीकेट नाम बरकरार रहें।

अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने हैरानी जताई कि इस पूरे विवाद पर बात करते हुए कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र किया जाना पूरी तरह से समझ से परे है।